हॉन्ग कॉन्ग सिक्स 2026 टूर्नामेंट में भारत अब तक अपने तीनों मैच हार चुका है. पहले पाकिस्तान, फिर यूएई और अब इंग्लैंड ने भी टीम इंडिया को 3 रन से हरा दिया. एक तरफ टीम इंडिया ने हार की हैट्रिक लगाई है, दूसरी ओर क्रुणाल पांड्या के लिए भी यह टूर्नामेंट अब तक बहुत बुरा साबित हुआ है. पांड्या के लिए टूर्नामेंट की शुरुआत ऐसी रही कि पहली 8 गेंदों में उन्होंने 7 छक्के लुटा दिए. उन्हें लगातार 7 छक्के भी पड़े.
बताते चलें कि हॉन्ग कॉन्ग सिक्स टूर्नामेंट में एक पारी सिर्फ 6 ओवर की होती है. गेंदबाजी टीम का सिर्फ एक बॉलर 2 ओवर कर सकता है, बाकी चार गेंदबाजों को एक-एक ओवर फेंकना होता है. क्रुणाल पांड्या टीम इंडिया की कप्तानी कर रहे हैं और इस लीग में अब तक उन्होंने 14 गेंद फेंकी हैं, जिनमें उन्होंने 62 रन लुटा दिए हैं.
पांड्या कभी नहीं भूलेंगे ऐसी पिटाई
दरअसल इंग्लैंड के खिलाफ पांड्या के आंकड़े फिर भी पहले से बेहतर रहे, जहां उन्होंने एक ओवर में 19 रन लुटा दिए. मगर टूर्नामेंट की पहली 8 गेंद वो शायद जिंदगी पर भूल नहीं पाएंगे, क्योंकि इन आठ गेंदों में 7 बार उन्हें छक्का पड़ा.
पहले उन्हें पाकिस्तान के अब्बास अफरीदी ने अपना निशाना बनाया. पांड्या के ओवर की आखिरी सभी 5 गेंदों पर अफरीदी ने पांच छक्के रसीद दिए थे. इस तरह उन्होंने पूरे ओवर में 31 रन लुटाए. दूसरा मैच यूएई के साथ हुआ. यूएई को 12 गेंद में जीत के लिए 10 रन बनाने थे. पांचवां ओवर पांड्या करने आए. खालिद शाह उन्हें बख्शने के मूड में नहीं थे और पहली 2 गेंदों पर दो छक्के लगाकर मैच को फिनिश कर दिया.
लगातार 7 गेंदों पर 7 छक्के
पांड्या ने इस टूर्नामेंट में गेंदबाजी में अपनी पहली आठ गेंदों में 7 छक्के खाए. पांड्या यह पिटाई शायद ही कभी भूल पाएंगे, क्योंकि पाकिस्तान के खिलाफ जहां पांड्या को आखिरी गेंद पर छक्का पड़ा था, जब यूएई के खिलाफ उन्होंने हाथ में गेंद थामी तो उनकी बॉलिंग पर छक्के लगने का सिलसिला बरकर रहा. पांडया ने 7 गेंदों में लगातार 7 छक्के खाए. खैर इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने बेहतर गेंदबाजी की और 19 रन दिए. 7 गेंदों पर 7 छक्के का सिलसिला इंग्लैंड के खिलाफ टूटा, जब पांड्या की गेंद पर एड बर्नार्ड कोई रन नहीं बना पाए.
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