बुलंदशहर सीट की विधानसभा संख्या 65 है. बुंलदशहर जिले के शहर मुख्यालय की विधानसभा सीट है. बुलंदशहर विधानसभा सीट पर पर यूपी के सभी प्रमुख दल चुनाव जीते हैं. कांग्रेस आखिरी बार 1985 में बुलंदशहर विधानसभा जीती थी, उसके बाद से बुलंदशहर विधानसभा की जनता ने कांग्रेस का हाथ कभी नहीं पकड़ा. समाजवादी पार्टी 1993 में पहली बार बुलंदशहर विधानसभा सीट जीती, हालांकि इसके बाद सपा बुलंदशहर विधानसभा सीट पर कभी नहीं जीत पाई. जब से आरएलडी बनी, तब से आरएलडी भी इस विधानसभा सीट पर जीत नहीं सकी.
बीजेपी से पहली बार 1996 में महेन्द्र यादव चुनाव जीते. 2002 में भी बीजेपी बुलंदशहर से विधानसभा चुनाव जीती. 2017 और 2022 विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने ही बुलंदशहर में जीत हासिल की. हालांकि 2020 में विधानसभा उपचुनाव हुए, जिसमें बीजेपी की ही जीत हुई थी.
बुलंदशहर विधानसभा सीट पर 2007 और 2012 में बसपा ने चुनाव जीता.
बुलंदशहर विधानसभा सीट मुस्लिम, जाट, एससी, लोधी और क्षत्रिय बाहुल्य विधानसभा सीट है.
2026 में एसआईआर के बाद बुलंदशहर विधानसभा सीट पर 3,54,666 मतदाता बचे है. 2024 लोकसभा चुनाव में बुलंदशहर विधानसभा सीट पर 4,00,750 मतदाता थे. एसआईआर के बाद बुलंदशहर विधानसभा सीट पर 46,084 मतदाता घटे हैं.
2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रदीप कुमार चौधरी विधायक बने. सपा ने गठबंधन के तहत बुलंदशहर विधानसभा सीट आरएलडी के कोटे में दी. आरएलडी से मोहम्मद युनूस विधानसभा का चुनाव लड़े. बसपा ने मोबिन कुरैशी और कांग्रेस ने सुशील चौधरी को प्रत्याशी बनाया. बीजेपी ने जाट, आरएलडी और बसपा ने मुस्लिम समाज के नेता को टिकट दिया.
2022 विधानसभा चुनाव में बुलंदशहर विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे-
1. बीजेपी- 1,27,076
2. आरएलडी और सपा गठबंधन- 1,01,246
3. बसपा- 24,373
2022 विधानसभा चुनाव में बुलंदशहर विधानसभा सीट पर बीजेपी के प्रदीप कुमार चौधरी चुनाव जीते. बीजेपी ने सपा गठबंधन के आरएलडी उम्मीदवार मोहम्मद युनूस को लगभग 26 हजार वोटों से चुनाव हरा दिया. बीजेपी को 48.94 प्रतिशत और आरएलडी को 38.99 फीसदी वोच मिले. दोनों दलों के बीच लगभग 10 फीसदी वोटों का अंतर रहा. बसपा को लगभग 24 हजार वोट हासिल हुए.
2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जाट समाज का लगभग लगभग पूरा वोट बुलंदशहर विधानसभा सीट पर मिला. बीजेपी को लोधी समाज के साथ साथ गैर यादव ओबीसी का पूरा वोट मिला. सामान्य वर्ग का एकतरफा वोट भी बीजेपी के ही साथ गया. इसके अलावा गुर्जर और एससी का समाज का भी बड़ी तादात में वोट बीजेपी को मिला. इसीलिए बीजेपी ने अच्छे अंतर से चुनाव जीता.
2022 विधानसभा चुनाव में बुलंदशहर विधानसभा सीट पर सपा गठबंधन के आरएलडी प्रत्याशी को मुस्लिम वोट एकतरफा मिले. आरएलडी प्रत्याशी को सिर्फ 7-8 हजार जाट वोट ही मिले. इसके अलावा यादव वोट आरएलडी को मिले. यही नहीं कुछ एससी वोट भी आरएलडी के उम्मीदवार को मिले. लेकिन जाट वोट ना मिलने के कारण आरएलडी प्रत्याशी बड़े अंतर से चुनाव हार गए.
2022 विधानसभा चुनाव में बुलंदशहर विधानसभा सीट पर बसपा से एससी मतदाता छिटका. एससी मतदाता बीजेपी और सपा गठबंधन की तरफ गया. हालांकि इसके बावजूद भी बसपा ने लगभग 24 हजार वोट हासिल किए.
2022 विधानसभा चुनाव के बाद सपा और आरएलडी का गठबंधन टूट गया. 2024 में बीजेपी और आरएलडी का गठबंधन हो गया. 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी बुलंदशहर से लोकसभा चुनाव लड़ी तो सपा ने कांग्रेस से गठबंधन के तहत बुलंदशहर लोकसभा सीट कांग्रेस के कोटे में दे दी.
2024 लोकसभा चुनाव में बुलंदशहर विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे-
1. बीजेपी- 1,14,959
2. सपा-कांग्रेस गठबंधन- 95,899
3. बसपा- 20,782
2024 लोकसभा चुनाव में बुलंदशहर विधानसभा सीट पर बीजेपी की जीत हुई. बुलंदशहर विधानसभा सीट पर बीजेपी ने कांग्रेस के प्रत्याशी को लगभग 19 हजार वोटों से चुनाव हरा दिया. बसपा को लगभग 20 हजार वोट मिले.
2024 लोकसभा चुनाव में बुलंदशहर विधानसभा सीट पर बीजेपी को जाट, गुर्जर, लोधी समेत गैर यादव ओबीसी समाज का पूरा वोट मिला. बीजेपी को सामान्य वर्ग का वोट मिला. इसके अलावा बीजेपी के प्रत्याशी भोला सिंह ने एससी समाज का अच्छी खासी संख्या में वोट हासिल किया.
2024 लोकसभा चुनाव में सपा गठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी को मुस्लिम और यादव वोट मिले. 5-6 हजार एससी वोट भी कांग्रेस प्रत्याशी बुलंदशहर विधानसभा सीट पर ले गए. बसपा को 2022 के मुकाबले 2024 में बसपा को एससी वोट और कम मिला. बीएसपी को एससी वोटों का बड़ा नुकसान बुलंदशहर विधानसभा सीट पर हुआ.
2027 विधानसभा चुनाव में बुलंदशहर विधानसभा सीट पर बीजेपी गठबंधन और सपा गठबंधन के बीच कांटे का मुकाबला होगा. दोनों दलों का प्रत्याशी चयन ही हार जीत तय करेगा.
बुलंदशहर विधानसभा सीट का जातीय समीकरण (अनुमानित)-
1. मुस्लिम- 1.13 लाख
2. एससी- 55 हजार
3. जाट- 40 हजार
4. लोधी- 40 हजार
5. ठाकुर- 22 हजार
6. वैश्य- 21 हजार
7. ब्राह्मण- 23 हजार
8. गुर्जर- 9 हजार
9. दर्जी- 7 हजार
10. यादव- 4.5 हजार
11. सैनी- 4.5 हजार
12. प्रजापति- 5 हजार
13. पंजाबी- 3 हजार
14. कश्यप- 1.5 हजार
बुलंदशहर विधानसभा सीट मुस्लिम, एससी, लोधी, जाट और ठाकुर बाहुल्य विधानसभा सीट है. गैर जाट ओबीसी लगभग 65 हजार से ज्यादा हैं. बुलंदशहर विधानसभा सीट पर सामान्य वर्ग का वोट 75 हजार के आसपास है. मुस्लिम मतदाता 1 लाख के पार है. बुलंदशहर विधानसभा सीट पर जीत की चाभी एससी, जाट और लोधी मतदाता के हाथ में हैं.














