जदयू के पूर्व नेता छोटू सिंह की हिरासत को लेकर जन सुराज ने सम्राट चौधरी सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी के प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने शुक्रवार (23 अक्टूबर, 2026) को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर सरकार हताश है. उन्होंने दावा किया कि इसी बौखलाहट में राजनीतिक कार्यकर्ताओं को उठाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव में परिणाम बांकीपुर जैसा होगा.
कुमार सौरभ सिंह के मुताबिक, करबिगहिया में एसटीएफ ने छोटू सिंह को रोका और उन्हें नौबतपुर चलने को कहा. पोस्ट में आरोप लगाया गया कि उन्हें एके-47 का भय दिखाया गया. छोटू सिंह ने कथित तौर पर सवाल किया कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा नहीं है, फिर उन्हें क्यों रोका गया? जन सुराज ने यह भी दावा किया कि लोगों के जुटने के बाद छोटू सिंह को जक्कनपुर थाने में रखा गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया.
पुनः पटना के जक्कनपुर थाने में ‘बांकीपुर पार्ट-II’ दोहराया जा रहा है! MLC चुनाव में परिणाम बांकीपुर के जैसा होगा। सभी क्षेत्रों में मिल रहे Feedback से हाफ़ीडिविट चौधरी Shock 🫨 में हैं और बौखलाहट में AK- 47 के दम पर राजनैतिक कार्यकर्ता पटना से लेकर अन्य जगहों पर उठाए जा रहे हैं। नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव और जदयू के पूर्व नेता छोटू सिंह के साथ करबिगहिया में STF द्वारा कथित तौर पर की गई कार्रवाई बेहद गंभीर मामला है। उन्हें AK-47 का भय दिखा कर नौबतपुर चलने को कहा गया। छोटू सिंह ने सवाल उठाया कि उनके विरुद्ध कोई “आपराधिक मुकदमा” नहीं है, तो उन्हें इस तरह क्यों रोका जा रहा है? बाद में लोगों के जुटने पर छोटू सिंह को जक्कनपुर थाने में हिरासत में रख के मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की बात सामने आई है… कार्रवाई राजनीतिक विरोध या विधान परिषद के चुनाव की खुन्नस में की गई है, जो शासन पर मेरा सीधा सवाल है। क्या ये BJP व JDU के लोगों की बौखलाहट है? बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में पटना पुलिस व एसटीएफ का गलत इस्तेमाल किया गया था। #ChotuSingh जी क्या इसलिए उठाए गए हैं, क्योंकि वो अनुज सिंह (जन सुराज के उम्मीदवार) की चुनाव में मदद कर रहे हैं? @samrat4bjp को स्पष्ट करना चाहिए कि यह कार्रवाई किस आधार पर की गई है? यदि प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगा? @CEOBihar (चुनाव आयोग) भी ये स्पष्ट करें कि क्या सरकार और सम्राट चौधरी के इशारे पर ऐसी पुलिसिया कार्रवाई की गई है? #BiharPolitics #MLCElection #JanSuraaj @jansuraajonline @ECISVEEP
— Kumar Saurabh Singh (@iKumarSaurabh) October 23, 2026
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चुनावी मदद को कार्रवाई की वजह बताया
पोस्ट में सवाल उठाया गया कि क्या छोटू सिंह को इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि वह जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह की मदद कर रहे हैं. कुमार सौरभ सिंह ने इस कार्रवाई को राजनीतिक विरोध या विधान परिषद चुनाव की खुन्नस से जोड़ने का आरोप लगाया.
उन्होंने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी पटना पुलिस और एसटीएफ के गलत इस्तेमाल का आरोप लगा था. पोस्ट में इसे “बांकीपुर पार्ट-II” बताते हुए चुनावी नतीजों और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई को लेकर सवाल किए गए.
सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा
जन सुराज प्रवक्ता ने सम्राट चौधरी से पूछा कि छोटू सिंह के खिलाफ कार्रवाई किस आधार पर हुई. उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
कुमार सौरभ सिंह ने चुनाव आयोग से भी स्पष्ट करने की मांग की कि क्या यह कार्रवाई सरकार या सम्राट चौधरी के इशारे पर हुई. इस मामले में सरकार, पुलिस और चुनाव आयोग का पक्ष सामने नहीं आया है.
आरोपों की पुष्टि का इंतजार
फिलहाल, जन सुराज के आरोपों के बीच यह स्पष्ट नहीं है कि छोटू सिंह को किस कानूनी आधार पर रोका गया था. हिरासत, कथित धमकी और मानसिक प्रताड़ना के दावों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी.
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