• Home
  • ताजा खबरें
  • जामिया में छात्रसंघ चुनावों लिए बनाई समिति, छात्र आंदोलन पर अड़े, जानें क्यों
Image

जामिया में छात्रसंघ चुनावों लिए बनाई समिति, छात्र आंदोलन पर अड़े, जानें क्यों


जामिया मिल्लिया इस्लामिया में करीब 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव की बहाली की उम्मीद जगी है, लेकिन छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच टकराव अब भी बरकरार है. चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्र पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. छात्रों के दबाव के बीच प्रशासन ने छात्रसंघ का संविधान तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है.

इस कमेटी को 20 दिसंबर तक ड्राफ्ट सौंपना होगा. हालांकि, छात्र इस पहल से संतुष्ट नहीं हैं. उनका साफ कहना है कि जब तक चुनाव का आधिकारिक नोटिफिकेशन और तारीखों का शेड्यूल जारी नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा.

यूपी-हरियाणा समेत 4 राज्य प्रदूषण से बेहाल, हवा दिल्ली से भी खराब

2006 में भंग हुआ था छात्रसंघ

विश्वविद्यालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, 21 अक्टूबर को कुलपति प्रो. मजहर आसिफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में छात्रसंघ का संविधान तैयार करने के लिए समिति बनाने का निर्णय लिया गया. समिति वर्ष 2006 में छात्रसंघ भंग किए जाने की परिस्थितियों का आंकलन करेगी, साथ ही जामिया मिल्लिया इस्लामिया अधिनियम, 1988 की धारा 23 (जे) और (के), छात्रसंघ चुनावों से जुड़े अदालती आदेशों, लिंगदोह समिति की सिफारिशों और विश्वविद्यालय के मौजूदा नियमों का भी अध्ययन किया जाएगा. ताकि, चुनाव के लिए ऐसी रूपरेखा तैयार की जा सके, जो कानूनी प्रावधानों और विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप हो. करीब 20 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के कारण इसकी बहाली की मांग परिसर में लगातार उठती रही है.

कई दौर की बातचीत, लेकिन कार्यवृत्त पर नहीं हुए हस्ताक्षर

दरअसल, छात्रों की मांगों पर बातचीत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 18 अक्टूबर को सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की थी. इस समिति ने 19 अक्टूबर से प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ संवाद शुरू किया. 20 अक्टूबर को सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन कार्यालय में छात्र प्रतिनिधियों के साथ करीब दो घंटे तक बैठक हुई. इसके बाद उसी शाम डीन, छात्र कल्याण कार्यालय में चर्चा के बिंदुओं को अंतिम रूप देने के लिए एक और बैठक की गई.

प्रशासन के मुताबिक, छात्रों के सुझावों को शामिल करते हुए बैठक का कार्यवृत्त तैयार करने पर भी चर्चा हुई बावजूद इसके छात्र प्रतिनिधियों ने उस पर हस्ताक्षर नहीं किए. इसके बाद कुलपति प्रो. मजहर आसिफ की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों और संकाय प्रमुखों ने बैठक कर छात्रों के साथ हुई बातचीत तथा उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों की समीक्षा की. इसी प्रक्रिया के बाद छात्रसंघ के संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाने का फैसला सामने आया. 

चुनाव के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग

प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग केवल छात्रसंघ चुनाव तक सीमित नहीं है. छात्र प्रतिनिधियों ने आंदोलन से जुड़े सभी अनुशासनात्मक मामलों को वापस लेने और मुख्य प्रॉक्टर तथा सुरक्षा सलाहकार को पद से हटाने की मांग भी रखी है. छात्रों ने अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने के बजाय उसकी समीक्षा करने के प्रशासनिक फैसले पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब तक चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं होता और आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन खत्म करने का सवाल नहीं उठता.

दूसरी तरफ, विश्वविद्यालय प्रशासन ने 12 अक्टूबर से 21 अक्टूबर शाम 5:30 बजे तक प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ शुरू की गई या की गई सभी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की समीक्षा करने का फैसला लिया है. संबंधित छात्रों को अपनी शिकायतों के साथ उस अधिकारी से संपर्क करने को कहा गया है, जिसने कार्रवाई से संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया था.

जामिया पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, प्रशासन पर लगाया गंभीर आरोप

 



Source link

Related Posts

‘जनमानस के जीवन में आने वाले सकारात्मक परिवर्तन से सिद्ध होती है प्रशासन की सार्थकता’: CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनमानस के जीवन में आने वाले सकारात्मक परिवर्तन से प्रशासन की सार्थकता…

ByByPUJA KUMARI Oct 23, 2026

चूरू: पूर्व मंत्री के बेटे और बहू दोनों चुनावी मैदान में, पति-पत्नी दोनों दिखाएंगे दमखम

राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी ने वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेटे…

ByByPUJA KUMARI Oct 23, 2026

दिल्ली: ई-रिक्शा के नियमों में सख्ती, अब बनवाना होगा यह सर्टिफिकेट

दिल्ली की सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने के नियम सख्त होने जा रहे हैं. परिवहन विभाग की प्रस्तावित ई-रिक्शा…

ByByPUJA KUMARI Oct 23, 2026

दिल्ली: रेस कोर्स मस्जिद पर पुलिस के नोटिस के बाद नमाज की इजाजत, नमाजियों ने क्या कहा?

दिल्ली के रेस कोर्स मस्जिद के पास शुक्रवार (23 अक्टूबर) को उस समय हलचल देखने को मिली, जब…

ByByPUJA KUMARI Oct 23, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top