पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में उथल-पुथल का माहौल बना है. पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग ने पद से इस्तीफा देने की बात कही और फिर राहुल गांधी से मुलाकात की. चरणजीत सिंह चन्नी की नाराजगी के बीच वडिंग के इस्तीफे की चर्चा पर बीजेपी सियासी रोटियां सेंकनी शुरू कर दी है. इस बीच पूर्व सांसद और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने भी राहुल गांधी और वडिंग को लेकर तंज कसा था, जिसपर खुद राजा वडिंग ने प्रतिक्रिया दी है.
कांग्रेस में उहापोह की स्थिति के बीच राजा वडिंग ने खुद राहुल गांधी के सामने इस्तीफा देने की बात कही थी. इसपर रवनीत बिट्टू ने लिखा, “राहुल गांधी ने इस्तेमाल करो और फेंको (Use and Throw) की पॉलिसी पर काम किया”. राहुल गांधी की आलोचना वाले बिट्टू के इस पोस्ट पर वडिंग बेहद नाराज हुए. उन्होंने जवाब में खुद के अकाउंट से लिखा, “आप गलत आदमी से पंगे ले रहे हैं रवनीत बिट्टू. राहुल गांधी सिर्फ मेरे नेता नहीं हैं, वह इस देश के नेता हैं जिन्होंने हर देशवासी के दिल में उम्मीद की आग जलाई है.”
राहुल गांधी को राजा वडिंग ने बताया चन्नी का ‘सच’, कहा- वो खुद…
‘केवल मेरे नहीं, आपके साथ भी खड़े थे राहुल गांधी’
राजा वडिंग ने आगे लिखा, “मैं मौकापरस्त नहीं, बल्कि वफादार हूं. मैं अच्छे और बुरे, दोनों ही समय में राहुल गांधी के साथ खड़ा रहा हूं और आगे भी खड़ा रहूंगा. यह न भूलें कि राहुल गांधी न सिर्फ मेरे साथ, बल्कि आपके साथ भी खड़े रहे. उन्होंने हम पर भरोसा किया और हमें इतना कुछ दिया है, जिसे हम कभी पूरी तरह से बयां भी नहीं कर सकते.”
राहुल गांधी से मिलकर क्या बोले राजा वडिंग?
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि उन्होंने पंजाब कांग्रेस चीफ पद से औपचारिक इस्तीफा दे दिया है. राहुल गांधी ने उन्हें बहुत प्यार दिया. पंजाब में क्या हालात हैं, किस प्रकार से वहां क्या हो रहा है, क्या हमें करना चाहिए, इस पर दोनों के बीच बातचीत हुई है. वहीं, वडिंग ने बतौर प्रदेश अध्यक्ष अपने 4.5 साल का अनुभव भी राहुल गांधी से शेयर किया.
अमरिंदर से राजा वडिंग तक पंजाब कांग्रेस में बदले चेहरे, क्यों नहीं थम रही गुटबाजी?














