अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने नवरात्र के अवसर पर हिंदू समुदाय को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा कर मां दुर्गा की आराधना और त्योहार से जुड़ी भारतीय परंपराओं का जिक्र किया.
ममदानी ने कहा कि इस सप्ताह उनके हिंदू पड़ोसी नवरात्र का पर्व मना रहे हैं. उन्होंने दुर्गा पूजा, दशैन, दशहरा और नवरात्रि जैसे अलग-अलग नामों से मनाए जाने वाले त्योहारों को आत्मचिंतन और नई शुरुआत का अवसर बताया.
गरबा से सिंदूर खेला तक, भारतीय परंपराओं का जिक्र
जोहरान ममदानी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि नवरात्र के दौरान लोग गरबा करेंगे. सिंदूर खेला के जरिए मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करेंगे. बुजुर्गों से टीका प्राप्त करेंगे और अपने घरों में गोलू सजाएंगे. उन्होंने इन परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवार इस पर्व को चाहे दुर्गा पूजा, दशैन, दशहरा या नवरात्रि के नाम से मनाएं, यह त्योहार सभी के जीवन में आत्मचिंतन और नवीनीकरण का संदेश लेकर आए.
ममदानी के संदेश में भारतीय समुदाय की विविध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई दी. भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में नवरात्र और दशहरे को अलग-अलग रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है. कहीं गरबा और डांडिया की धूम रहती है, तो कहीं दुर्गा पूजा, सिंदूर खेला और रामलीला प्रमुख आकर्षण होते हैं.
अमेरिका में भी धूमधाम से मनाया जाता है दशहरा
अमेरिका में भारतीय समुदाय दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व उत्साह और पारंपरिक आयोजनों के साथ मनाता है. कई बड़े शहरों में विशेष रामलीला का मंचन किया जाता है. इन आयोजनों में आधुनिक मंचीय रोशनी, डिजिटल प्रोजेक्शन और आकर्षक वेशभूषा का इस्तेमाल होता है, जिससे रामायण के प्रसंगों को दर्शकों के सामने पेश किया जाता है.
अमेरिका के बड़े पार्कों, मेला स्थलों और खेल स्टेडियमों में रावण के बड़े-बड़े पुतले जलाए जाते हैं. इस दौरान भारतीय व्यंजनों के स्टॉल, पारंपरिक हस्तशिल्प, संगीत और नृत्य के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं. इस तरह दशहरा धार्मिक आयोजन के साथ-साथ भारतीय समुदाय के लिए सांस्कृतिक मेल-मिलाप का अवसर भी बनता है.
मंदिरों में पूजा, रावण दहन और गरबा-डांडिया
दशहरे के अवसर पर कई मंदिरों में विशेष प्रार्थनाएं और शस्त्र पूजन किया जाता है. इसके बाद रावण दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है. कई जगहों पर गरबा और डांडिया नाइट भी रखी जाती है, जिनमें भारतीय समुदाय के लोग पारंपरिक परिधानों में हिस्सा लेते हैं.
उदाहरण के तौर पर, टेक्सास के डलास स्थित राधा कृष्ण मंदिर जैसे स्थानों पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और रावण दहन आयोजित किए जाते हैं. इन आयोजनों के जरिए भारतीय समुदाय अपनी धार्मिक मान्यताओं, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक उत्सवों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास करता है.
यह भी पढ़िएः ‘अगर लोगों को लगता है कि…’ ECI को पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने क्या दी सलाह?














