अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन के रिजल्ट के बाद वहां रहने वाले भारतीय लोगों की भूमिका पर एक्सपर्ट्स ने अपनी राय रखी. ओरआरएफ अमेरिका के कार्यकारी डायरेक्टर ध्रुव जयशंकर ने कहा है कि भारतीय अमेरिकी चुनावी रूप से भले ही छोटे ग्रुप में हों, लेकिन राजनीतिक रूप से उनका प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
वहीं, अमेरिका के कांग्रेस मैन थानेदार ने कहा है कि ट्रंप की इमीग्रेशन नीतियों और टैरिफ ने भारतीय अमेरिकियों और भारत के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचाया है. पूरे न किए गए वादों की वजह से यह कम्युनिटी डेमोक्रेट्स की ओर झुक गया.
VIDEO | Washington: Democratic control of US Congress to constrain Trump, but he has lot of leeway on foreign policy, national security, says Dhruva Jaishankar, Executive Director, ORF America. #USMidTermElections2026 #USMidTermPoll2026 #PTIVideos (Full video available on PTI Videos – https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) November 5, 2026
ध्रुव जयंशकर ने माना, कि भारतीय वोटर्स की संख्या कुछ इलाकों में काफी कम है. करीबन 1 से 2 प्रतिशत लेकिन इनका प्रभाव अधिक है. इन्होंने डेमोक्रेट्स को वोट किया है. MAGA आंदोलन के चलते भारत विरोधी बयानों के चक्कर में रिपब्लिकन पार्टी को भारतीय अमेरिकी मतदाताओं का समर्थन खोना पड़ सकता है.
ऐसा खासकर टेक्सास जैसे राज्यों में देखने को मिला है. 3 नवंबर को हुए मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स को अप्रत्याशित बढ़त मिली है.
भारतीय-अमेरिकियों के मतदान तरीकों में आया चेंज: जयशंकर
उन्होंने बताया है कि भारतीय अमेरिकियों के मतदान के तरीकों में चेंज आया है. भारतीय-अमेरिकी कुल मतदाताओं का केवल 1 से 1.5 प्रतिशत हिस्सा है. पारंपरिक रूप से, वे दोनों ही पार्टियों – खासकर डेमोक्रेटिक पार्टी – को काफी चंदा देते रहे हैं.
उन्होंने बताया कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान विशेष रूप से युवा भारतीय और अमेरिकी पुरुषों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप की ओर झुकाव में बदलाव दिखा है.
हालांकि, डेमोक्रेट्स को वोट देने वालों की संख्या अभी भी बहुमत में थी. दोनों ग्रुप के बीच लगभग 30 प्रतिशत का अंतर देखने को मिला है.
’10 प्रतिशत का देखने को मिला स्विंग’
जयशंकर ने कहा है कि हालिया चुनावी दौर में डेमोक्रेट्स का सपोर्ट करने वाले और रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन करने वाले भारतीय-अमेरिकी वोटर्स के बीच अंतर देखने को मिला है. पिछले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन वोटर्स के बीच 30 प्रतिशत का अंतर था.
इस साल चुनाव से पहले जो आंकड़े आए थे, उसमें अंतर बढ़कर 45 से 50 प्रतिशत तक पहुंच गया. इससे पता चलता है कि भारतीय अमेरिकियों के बीच 10 प्रतिशत का बड़ा स्विंग हुआ है.
2024 के ट्रंप का किया था भारतीयों ने समर्थन: थानेदार
इधर, थानेदार ने कहा कहा कि कई भारतीय अमेरिकियों ने शुरुआत में 2024 के ट्रम्प का समर्थन किया था. उन्हें उम्मीद थी कि उनकी आर्थिक नीतियों से उनके परिवारों को फायदा होगा, लेकिन रोजमर्रा के खर्चों में भारी बढ़ोतरी और आर्थिक तंगी के कारण उन्हें फैसले पर पछतावा हुआ है. इसके अलावा वोटर्स को लगा कि भारतीय पीएम मोदी के साथ ट्रंप के रिश्ते और मजबूत होंगे, लेकिन ट्रंप ने भारतीय सामानों पर ही भारी टैरिफ लगा दिए.
VIDEO | Michigan, USA: Congressman Sri Thanedar said, “Trump’s immigration policies, tariffs hurt Indian-Americans and India ties; ‘unfulfilled promises’ shifted community towards Democrats.” (Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) https://t.co/TNaBykMJhZ
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उन्होंने बताया कि इससे दोनों व्यापारिक साझेदारों के बीच तनाव पैदा हो गया. इसके अलावा इमीग्रेशन को लेकर एच-1बी वीजा की लिमिट और ग्रीन कार्ड प्रोसेसिंग में भारी देरी शामिल है. इस कम्युनिटी के लिए बहुत निराशजनक था. अमेरिका की आर्थिक वृद्धि और नवाचार के लिए आज भी विदेशी टेक्निकल प्रतिभाओं की जरूरत है.
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस में जो ब्लू वेव दिखी, वह मुख्य रूप से ट्रंप के आक्रमक कदमों, इनमें ईरान से युद्ध और कांग्रेस के अधिकार क्षेत्र से जाकर टैरिफ लगाना एक व्यापक असंतोष का नतीजा थी. इसे डेमोक्रेटिक पार्टी के एजेंडे के पूर्ण समर्थन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.’


















