वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान तुरंत होर्मुज स्ट्रेट को खोलना चाहता है, क्योंकि स्ट्रेट बंद होने से उसकी आमदनी प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा कि ईरान को अपना पैसा होर्मुज स्ट्रेट से मिलता है और अब उसके पास पैसे की कमी हो रही है.
ट्रंप बोले- ईरान खुद अपने फैसले में फंस गया
ट्रंप ने कहा कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दुनिया के लिए परेशानी पैदा करने की कोशिश की, लेकिन उसका यह फैसला उसके लिए ही नुकसानदायक साबित हुआ. ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने सोचा था कि स्ट्रेट बंद करके वह दुनिया के लिए समस्या खड़ी कर देगा.
VIDEO | Washington DC: US President Donald Trump says, “And what they want to do is immediately open the Hormuz Strait. You know why? Because they’re dying. You know why they’re dying? Because they have no money coming in, because they get their money from the Hormuz Strait. So… pic.twitter.com/CBGAMzSSVU
— Press Trust of India (@PTI_News) September 26, 2026
ट्रंप ने कहा, फिर मैं आया और हमने सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी नाकाबंदी खड़ी कर दी. यह स्टील की दीवार जैसी है. हमने उनके लिए स्ट्रेट बंद कर दिया, बाकी सब इस्तेमाल कर सकते हैं
बाकी सभी करेंगे होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमालः ट्रंप
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के पास अब पैसे नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का फैसला किया तो उन्होंने भी कहा कि ठीक है, अब हम इसे तुम्हारे लिए बंद करेंगे, लेकिन बाकी सभी लोग इसका इस्तेमाल कर सकेंगे.
ट्रंप ने कहा कि ईरान को अब समझ आ गया है कि होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोलना जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि ईरान की आर्थिक स्थिति पर इसका सीधा असर पड़ा है और इसी वजह से वह स्ट्रेट को फिर से खोलना चाहता है.
ट्रंप बोले- मैंने उनकी डील ठुकरा दी
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, मैंने उनका सौदा ठुकरा दिया. वे ऐसा समझौता करना चाहते हैं जिसमें वे तुरंत होर्मुज स्ट्रेट खोल दें. उन्हें बहुत बुरी तरह हार का सामना करना पड़ रहा है. ट्रंप ने यह बात तब कही जब वे व्हाइट हाउस के लॉन में मरीन वन हेलीकॉप्टर में सवार हो रहे थे. इससे पहले न्यूयॉर्क में इस सप्ताह हुई संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान दोनों देशों के बीच परोक्ष बातचीत हुई थी.
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