इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने शनिवार (7 नवंबर 2026) को बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजे आने के बाद वह विपक्षी उम्मीदवार गादी आइसेनकोट को गठबंधन सरकार बनाने का पहला मौका दे रहे हैं. पूर्व सैन्य प्रमुख आइसेनकोट प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में चुनाव लड़े थे. वे अब इजरायल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के एक कदम और करीब आ गए हैं.
राष्ट्रपति की घोषणा के तुरंत बाद, आइसेनकोट ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि यह एक राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने का समय है. हम इसके योग्य हैं, यह साबित करने के लिए मैं हर संभव कोशिश करूंगा. उनके पास गठबंधन सरकार बनाने के लिए 6 सप्ताह तक का समय है. यह काम ऐसे देश में बेहद चुनौतीपूर्ण है, जो बुरी तरह बंटा हुआ है और 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमलों के साथ-साथ गाजा और उसके आसपास पिछले तीन सालों से चल रहे युद्धों से जूझ रहा है.
अरब पार्टियों के पास किंगमेकर बनने का मौका
इजरायल में इस सप्ताह राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत में देश की अधिकांश प्रमुख पार्टियों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी आइसेनकोट को सौंपी जानी चाहिए. हालांकि, संसद में बहुमत जुटाना अभी भी बहुत मुश्किल काम है. किसी भी संभावित गठबंधन के लिए उम्मीदवारों को ऐसे कठिन समझौते करने पड़ सकते हैं, जिससे उनके अपने मतदाता नाराज हो सकते हैं. पिछले महीने हुए चुनावों में नेतन्याहू और उनके सहयोगियों ने संसद में अपना बहुमत खो दिया. हालांकि, आइसेनकोट के नेतृत्व वाले गुट को भी बहुमत नहीं मिला.
ऐसे में अरब पार्टियों, जिन्होंने इन चुनावों में ऐतिहासिक बढ़त हासिल की है उनके पास किंगमेकर बनने का मौका है, हालांकि राजनीतिक रूप से यह स्थिति काफी जटिल है. इजरायल के इतिहास में अब तक केवल एक बार कोई अरब पार्टी गठबंधन सरकार का हिस्सा रही है. गाजा में तीन साल से अधिक समय तक चले युद्ध के बाद, ऐसा गठबंधन बनाना आइसेनकोट के लिए काफी विवादित हो सकता है.















