उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की तरक्की को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ओवैसी के लिए यह वोट-बैंक की राजनीति हो सकती है, लेकिन कांग्रेस के लिए ऐसा न कभी था, न है और न ही कभी होगा.
यूपी कांग्रेस चीफ आराधना मिश्रा ने कहा कि आजादी की लड़ाई से लेकर अब तक कांग्रेस ने हर जाति और समुदाय को साथ लेकर काम किया है. इसकी वजह से पार्टी को नुकसान भी उठाना पड़ा, लेकिन कांग्रेस ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और आगे भी नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि आज वह दौर फिर लौट आया है, ओवैसी हों या बीजेपी, संकीर्ण विचारधारा वाली राजनीति अब खत्म हो चुकी है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने कहा कि आज हर युवा रोजगार मांग रहा है, महिलाएं महंगाई से राहत चाहती हैं और किसान तरक्की चाहते हैं. देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती संविधान को बचाने की है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने संविधान को कमजोर किया है.
क्या बोले थे असदुद्दीन ओवैसी
बता दें कि हाल ही में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि राजनीतिक दलों को चुनाव के समय मुस्लिम मतदाताओं की जरूरत महसूस की जाती है, लेकिन राजनीतिक हिस्सेदारी देने के सवाल पर उन्हें पीछे रखा जाता है. इसके साथ ही तंज कसते हुए कहा अब्दुल सिर्फ दरी बिछाए, भइया का जिंदाबाद करे, उन्हें वोट दे और फिर अपने घर चला जाए.
हमने अपनी बात कह दी है- ओवैसी
वहीं गठबंधन और अखिलेश यादव को लेकर ओवैसी ने कहा कि हमने अपनी बात कह दी है बिहार का उदाहरण दे दिया है. हम कहते हैं हम दरी नहीं बिछाएंगे हम कहते हैं वोट बैंक नहीं है हमे हक मिलना चाहिए. विपक्षी दल नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की कोई बड़ी राजनीतिक पार्टी खड़ी हो और समुदाय की राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़े.
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