भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने पार्टी की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपने इस्तीफे में पार्टी के भीतर कथित गुटबाजी और पिछड़े-अति पिछड़े समाज को उचित सम्मान और स्थान नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है.
धर्मेंद्र कश्यप ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को संबोधित पत्र में कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ वोटिंग करने और पार्टी को कमजोर करने वाले नेताओं को संगठन में पहली पंक्ति में जगह मिली है. वहीं, पिछड़े और अति पिछड़े समाज को पार्टी में उचित स्थान और सम्मान नहीं मिल रहा है.
उन्होंने इन परिस्थितियों से आहत होकर पार्टी की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा देने की बात कही है. साथ ही संबंधित पदाधिकारियों से अपना त्यागपत्र स्वीकार करने का अनुरोध किया है.
बता दें उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीट के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आठ और समाजवादी पार्टी (सपा) के दो उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए. निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा ने शुक्रवार को परिणामों की जानकारी दी.
निर्विरोध निर्वाचित भाजपा उम्मीदवारों में धर्मपाल सिंह, विद्यासागर सोनकर, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, प्रियंका सिंह रावत, गोपीकृष्ण पांडेय, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं.वहीं, सपा के प्रोफेसर राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी भी निर्विरोध चुने गए. वर्मा ने बताया कि धनराज परिमल नाथवानी को छोड़कर बाकी सभी निर्वाचित उम्मीदवारों ने अपने निर्वाचन प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिए हैं.














