मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पाकिस्तान का दौरा किया है. पाकिस्तान के साथ बढ़ती नजदीकियां उनके लिए मुश्किल कूटनीतिक स्थिति पैदा कर रही हैं. इस बीच पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद सहित विपक्ष के नेताओं ने चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद की ओर मुइज्जू का यह झुकाव मालदीव के सबसे करीबी पड़ोसी भारत के साथ संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है.
किसी मालदीवियन राष्ट्रपति की 11 सालों में यह पहली पाकिस्तान यात्रा है, जिसने माले की विदेश नीति पर एक राजनीतिक बहस छेड़ दी है. विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया है कि क्या मुइज्जू देश की सुरक्षा और भारत के साथ लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को खतरे में डाल रहे हैं.
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति का आरोप
मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के अध्यक्ष नशीद ने मुइज्जू पर आरोप लगाया कि वे मालदीव को भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव में लापरवाही से घसीट रहे हैं. मालदीव के समाचार आउटलेट ‘सन ऑनलाइन’ की रिपोर्ट के अनुसार, नशीद ने कहा, “छोटे देशों, खासकर मालदीव के सामने कई गंभीर जोखिम हैं. इसके बावजूद, राष्ट्रपति मुइज्जू ने बिना ठीक से सोचे-समझे पाकिस्तान का दौरा किया और एक बार फिर मालदीव को भारत और पाकिस्तान के बीच के विवादों के केंद्र में ला खड़ा किया.” पूर्व राष्ट्रपति की यह चेतावनी काफी सख्त थी. उन्होंने कहा, “अगर भारत को लगता है कि उसकी सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है तो इसके मालदीव के लिए बहुत बुरे नतीजे होंगे.”
मुइज्जू की पाकिस्तान यात्रा पर सवाल
मालदीव के अन्य विपक्षी नेताओं ने भी मुइज्जू की पाकिस्तान यात्रा पर सवाल उठाए और आलोचना की. मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने आरोप लगाया कि मुइज्जू फिर से वैसा ही भारत-विरोधी अभियान शुरू करेंगे, जैसा उन्होंने 2023 में किया था. पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने इस यात्रा के दौरान पाकिस्तान की तरफ से मुइज्जू को मानद डॉक्टरेट देने के फैसले पर भी सवाल उठाए. मुइज्जू ने 20 से 22 अक्टूबर तक तीनों का पाकिस्तान दौरा किया था. यह दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक रिश्तों की 60वीं सालगिरह के मौके पर हुआ और इसमें हेल्थकेयर और एजुकेशन से लेकर ट्रेड, एग्रीकल्चर, साइबर सिक्योरिटी, डिफेंस और मैरीटाइम सिक्योरिटी जैसे सेक्टर्स को कवर करने वाले 20 मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoUs) हुए.














