हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली से पहले तोहफा मिला है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 5 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की है. इसमें एक प्रतिशत पहले से लंबित महंगाई भत्ता भी शामिल है. मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10 हजार रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे. कर्मचारियों के खाते में एक नवंबर को राशि पहुंच जाएगी. इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है.
सुक्खू सरकार ने सरकारी पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को महंगाई राहत (DR) देने के आदेश जारी किए हैं. वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, पेंशनरों को 1 जनवरी 2024 से महंगाई राहत की दर 46 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है. वहीं, 1 जुलाई 2023 से महंगाई राहत 45 प्रतिशत से बढ़ाकर 46 प्रतिशत की गई है.
अक्टूबर 2026 की पेंशन के साथ बढ़ी हुई DR का भुगतान
आदेश के मुताबिक, बढ़ी हुई महंगाई राहत अक्टूबर 2026 की पेंशन के साथ देय होगी, जिसका भुगतान नवंबर 2026 में किया जाएगा. यह लाभ हिमाचल प्रदेश सरकार के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के साथ अखिल भारतीय सेवा (AIS) के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी मिलेगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई 2023 से 30 सितंबर 2026 तक की अवधि के महंगाई राहत के एरियर के भुगतान पर अलग से उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा.
CM सुक्खू ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी रखी बात
फिलहाल नवंबर में मिलने वाली पेंशन के साथ बढ़ी हुई महंगाई राहत का भुगतान किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति और कर्ज को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से राजस्व घाटा अनुदान (RDG) मिलता रहता, तो वर्ष 2027 तक हिमाचल आत्मनिर्भर हो जाता.
जयराम ठाकुर के 5 साल के कार्यकाल में 43,261 करोड़ का कर्ज- सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल और वर्तमान सरकार के दौरान लिए गए कर्ज के आंकड़े भी सामने रखे. उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के पांच साल के कार्यकाल में 43,261 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया, जबकि वर्तमान सरकार अब तक 37,781 करोड़ रुपये का कर्ज उठा चुकी है.
विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर क्या बोले CM सुक्खू?
मुख्यमंत्री के अनुसार, हिमाचल प्रदेश पर कुल कर्ज का आंकड़ा 99 हज़ार 564 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. उन्होंने RDG को प्रदेश की आर्थिक स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि केंद्रीय सहायता जारी रहती तो राज्य को वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता था. सीएम सुक्खू ने ये भी कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के 16 विधायक भी जीत कर नहीं आयेंगे.














