महोबा में शारदीय नवरात्र के समापन और विजयदशमी के मौके पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है. ऐतिहासिक कीरत सागर सरोवर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और माता रानी के जयकारों के बीच भक्त नम आंखों से मां को विदाई दे रहे हैं. पुलिस-प्रशासन और नगर पालिका की टीमें सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं.
महोबा नगर के 184 पंडालों में विराजमान मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए कीरत सागर लाया जा रहा है. वहीं, पूरे जिले में 501 पंडालों की प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाना है. प्रशासन ने सभी प्रतिमाओं का विसर्जन समय पर और सुरक्षित तरीके से पूरा कराने की तैयारी की है.
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पुलिस और नगर पालिका परिषद की निगरानी में नाविक नावों के जरिए प्रतिमाओं को सरोवर के बीच ले जाकर विसर्जित कर रहे हैं. अब तक 51 से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका है. प्रशासन ने रात 10 बजे तक सभी प्रतिमाओं का विसर्जन कराने का लक्ष्य रखा है.
दिन में विसर्जन कराने की अपील का दिखा असर
जिला प्रशासन ने पीस कमेटी की बैठक में सनातन परंपराओं का सम्मान करते हुए दिन में विसर्जन कराने का सुझाव दिया था. इसका असर भी देखने को मिल रहा है. एसडीएम महोबा शिव ध्यान पांडेय समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं.
कीरत सागर तट पर भक्ति और उत्साह का माहौल है. 9 दिनों तक मां भगवती की पूजा, दुर्गा सप्तशती का पाठ और हवन-पूजन करने के बाद श्रद्धालु मां को विदाई दे रहे हैं. महिलाएं बैंड-बाजों की धुन पर थिरकती नजर आईं. भक्त मां से अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं.
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सुरक्षा के लिए गोताखोर तैनात
विसर्जन के दौरान किसी भी अनहोनी से बचने के लिए कीरत सागर तट पर गोताखोरों की टीम तैनात की गई है. जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है. पुलिस, प्रशासन और नगर पालिका की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके.














