उत्तर प्रदेश में महोबा के चरखारी क्षेत्र के बमरारा गांव में दबंग की धमकियों से परेशान दलित परिवार ने घर के बाहर मकान बिकाऊ है के पोस्टर लगा दिए थे. पीड़ित रामकिशन अनुरागी ने कर्ज चुकाने के बावजूद दो लाख रुपये मांगने और बेटी को उठाने की धमकी देने का आरोप लगाया था.
मामला सुर्खियों में आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है. अब पीड़ित ने पुलिस कार्रवाई पर संतुष्टि जताई है. यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा में आ गया था. जिसके बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की.
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क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, रामकिशन अनुरागी ने आरोप लगाया था कि पिछले साल उसने गांव के ही नरेंद्र राजपूत से 65 हजार रुपये उधार लिए थे. पीड़ित का दावा था कि वह मूलधन और ब्याज मिलाकर अब तक तीन लाख पांच हजार रुपये चुका चुका है. इसके बावजूद उससे दो लाख रुपये और मांगे जा रहे थे. रामकिशन का आरोप था कि रुपये देने से इनकार करने पर उसे जातिसूचक गालियां दी गईं, जान से मारने की धमकी दी गई और उसकी बेटी को उठा ले जाने की धमकी भी दी गई. पीड़ित ने इस संबंध में चरखारी थाने में शिकायत देने की बात कही थी। कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए परिवार ने घर के बाहर मकान बिकाऊ है के पोस्टर लगा दिए थे.
पुलिस ने की कार्रवाई
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई. पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी नरेंद्र को गिरफ्तार किया और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की.सीओ चरखारी दीपक दुबे ने बताया कि मामला दोनों पक्षों के बीच रुपये-पैसे के लेनदेन के विवाद से जुड़ा है. पुलिस कार्रवाई से संतुष्टि जताने के बाद पीड़ित ने पोस्टर भी हटा लिए हैं. फिलहाल, पीड़ित ने मीडिया के सामने पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया है.
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