• Home
  • ताजा खबरें
  • यूपी: घर-घर पहुंच रहा नारी सशक्तिकरण का संदेश, महिला कल्याण विभाग ने संभाली कमान
Image

यूपी: घर-घर पहुंच रहा नारी सशक्तिकरण का संदेश, महिला कल्याण विभाग ने संभाली कमान


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. शारदीय नवरात्र के अवसर पर 11 से 20 अक्टूबर तक संचालित इस अभियान में महिला कल्याण विभाग प्रमुख भूमिका निभा रहा है. प्रदेश के सभी 75 जिलों में जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है.

महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेटियों को एक दिन का जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बनाया जा रहा है.

इस पहल का उद्देश्य बेटियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना है. इससे बेटियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, प्रशासनिक कार्यप्रणाली समझने और भविष्य में जिम्मेदार पदों पर पहुंचने का हौसला मिल रहा.

सभी 75 जिलों में जन-जन तक पहुंच रहा संदेश

लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अलीगढ़, भदोही, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, उन्नाव और इटावा समेत प्रदेशभर में रैलियां, पदयात्राएं, प्रभात फेरियां और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इनमें जनप्रतिनिधियों, पुलिसकर्मियों, छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भाग ले रही हैं. 

अभियान के शुरुआती दिनों में रैलियों और पैदल मार्च में 50 हजार से अधिक लोगों ने भागीदारी की. उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और मेधावी छात्राओं को सम्मानित करने के साथ बालिकाओं को सांकेतिक प्रशासनिक दायित्व सौंपकर नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है. मेले, प्रदर्शनी स्टॉल और लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी महिला सशक्तीकरण का संदेश पहुंचाया जा रहा है.

साइबर सुरक्षा से बाल विवाह उन्मूलन तक 15 गतिविधियों पर जोर

महिला कल्याण विभाग अभियान के तहत 15 प्रमुख गतिविधियों पर काम कर रहा है. इनमें जनजागरूकता रैलियां, महिला सम्मान समारोह, बालिका नेतृत्व विकास, करियर काउंसलिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना संबंधी कार्यशालाएं शामिल हैं.

साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की पहचान एवं सूचना देने संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. कार्यस्थलों पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए पॉश अधिनियम-2013, विधिक साक्षरता शिविर और लोक अदालत सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है.

इसके अतिरिक्त वृद्धजन आवासों और आश्रय गृहों में संवेदीकरण, कन्या जन्मोत्सव, नवजात शिशु किट एवं पोषण वितरण, किशोरी स्वास्थ्य, माहवारी स्वच्छता और सेनेटरी पैड वितरण जैसी गतिविधियां भी संचालित हैं. बाल विवाह और दहेज उन्मूलन के लिए शपथ एवं जनसंवाद तथा महिला नेतृत्व में यातायात सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा हैं.

सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ वित्तीय साक्षरता पर फोकस

महिला कल्याण विभाग की टीमें गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में जनसंपर्क कर महिलाओं एवं परिवारों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना की जानकारी दे रही हैं. इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़कर सरकारी सहायता का लाभ दिलाना है.

बेसिक शिक्षा विभाग की वित्तीय साक्षरता गतिविधियों से अब तक 1,18,657 बालिकाएं जुड़ चुकी हैं. इसके माध्यम से बालिकाओं में आर्थिक समझ और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है.

करियर मार्गदर्शन, विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी के जरिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाया जा रहा है. विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित कर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है.

सुरक्षित आश्रय और सहायता सेवाओं की जानकारी

17 अक्टूबर-20 को शुरू हुआ मिशन शक्ति पांच चरणों के बाद अब छठवें चरण में पहुंच गया है. अभियान के तहत महिला शरणालय, शक्ति सदन, सखी निवास, नारी संरक्षण गृह और अन्य आश्रय सुविधाओं की जानकारी जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाई जा रही है, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित आश्रय और सहायता सेवाओं का लाभ उठा सकें. आपातकालीन हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार के जरिए भी महिलाओं को संकट के समय उपलब्ध सहायता के प्रति जागरूक किया जा रहा है.

महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि योगी सरकार मिशन शक्ति के प्रभावी क्रियान्वयन और महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता पर जोर दे रही है. संबंधित अधिकारियों को अभियान में प्राथमिकता के आधार पर सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

यूपी में लगेंगे पांच डॉप्लर वेदर रडार, बेहतर होगी मौसम की निगरानी



Source link

Related Posts

अंकिता भंडारी की मां ने जारी किया वीडियो, नार्को टेस्ट की मांग की

भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर राजनीतिक…

ByByPUJA KUMARI Oct 16, 2026

गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ करेंगे कन्या पूजन, दशहरे पर निकालेंगे शोभायात्रा

शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ की पावन तपोस्थली गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा से जारी आध्यात्मिक अनुष्ठान रविवार…

ByByPUJA KUMARI Oct 16, 2026

अनंत सिंह ने बयान बदला, 9 आदमी की हत्या वाले में अब लालू को घसीटा

मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह फिर से चर्चा में हैं. शुक्रवार (16 अक्टूबर, 2026) को उन्होंने पहले…

ByByPUJA KUMARI Oct 16, 2026

‘सपा की किसान विरोधी सोच से पूरा प्रदेश वाकिफ’, पंकज चौधरी का हमला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के गन्ना किसानों, PDA और चुनाव आयोग को लेकर दिए गए…

ByByPUJA KUMARI Oct 16, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top