कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के पिता भगवान दीपके दिल्ली पुलिस पर भड़क गए. उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस मेरे बेटे को समय पर छोड़ देती या इस शर्त पर जाने देती कि अंतिम संस्कार के बाद उसे दिल्ली वापस आना होगा तो वह निश्चित रूप से अपनी दादी को देखने आ सकता था.
दीपके के पिता ने कहा कि मैंने अभी इंस्टाग्राम पर देखा कि वह नागपुर पहुंच गया था. पुलिस ने गलती की, उन्हें ऐसी बातें नहीं बतानी चाहिए थीं और अगर उन्होंने बताया भी तो उन्हें उसे अपनी दादी के अंतिम दर्शन के लिए समय कुछ समय देना चाहिए था.
ये भी पढ़ें: CJP के समर्थन में प्रदर्शन के लिए पहुंचे आदित्य ठाकरे तो संजय राउत बोले- ‘नाम ही काफी है’
#WATCH | Hingoli, Maharashtra: Abhijeet Dipke’s father, Bhagwan Dipke, says, “If they (Delhi Police) had released him on time—or even released him on the condition that he had to return to Delhi after the funeral—he certainly could have come to see his grandmother…I just saw on Instagram that he had reached Nagpur…The police made a mistake; they shouldn’t have mentioned things that weren’t meant to be disclosed. And if they did mention it, they should have given him some time—time for the final viewing of his grandmother”
— ANI (@ANI) October 11, 2026
वहीं अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने पर उनके पिता भगवान दीपके ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने इस कार्रवाई को भारत के इतिहास की पहली ऐसी घटना बताया, जिसमें लोकतंत्र बचाने की कोशिश कर रहे एक छात्र को विमान के अंदर से गिरफ्तार किया गया.
ऐसे मामले नहीं देखे- भगवान दीपके
भगवान दीपके ने कहा कि इससे पहले बड़े-बड़े अपराधियों और विदेशों में भारत का पैसा लेकर जाने वाले उद्योगपतियों को गिरफ्तार करने के ऐसे मामले उन्होंने नहीं देखे, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले एक सामान्य छात्र को हिरासत में लिया गया है.
भारत में लोकतंत्र नहीं बचा- भगवान दीपके
देश में लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अब भारत में लोकतंत्र बचा है. उनका आरोप है कि जो लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं, उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ‘वन नेशन, वन पार्टी’ की दिशा में आगे बढ़ना और दूसरी राजनीतिक पार्टियों को खत्म करना है.
इंदिरा गांधी के दौर और मौजूदा हालात की तुलना पर उन्होंने कहा कि आपातकाल के बारे में उन्हें ज्यादा विस्तृत जानकारी नहीं है. मौजूदा हालात में आगे क्या कदम उठाना है, यह वह अभिजीत के साथ हुए व्यवहार को देखने के बाद तय करेंगे.
ये भी पढ़ें: मुंबई में CJP के समर्थन में मार्च, आदित्य ठाकरे बोले- ‘ये लड़ाई ज्ञानेश कुमार के…’















