मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क इलाके में कल CJP की ओर से बिना अनुमति प्रदर्शन किए जाने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन में करीब 400 से 500 समर्थक शामिल हुए थे.
प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक सड़क पर सभा कर नारेबाजी की गई और बिना अनुमति लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया गया. पुलिस के मुताबिक, CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रमुख अजिंक्य शिंदे और मुंबई कोऑर्डिनेटर प्रणव आहिरे ने 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी.
इसके बावजूद कल शाम करीब 4 बजे से 7 बजे के बीच शिवाजी पार्क मैदान, गेट नंबर 6, मीनाताई ठाकरे स्मारक के सामने प्रदर्शन किया गया. पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद अब जांच तेज कर दी गई है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई.
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति सार्वजनिक जगह पर जमावड़ा कर सभा की, घोषणाएं और नारेबाजी की. पुलिस के अनुसार, इससे कानून और सुव्यवस्था का सवाल पैदा हुआ. इसके अलावा बिना अनुमति तेज आवाज में लाउडस्पीकर लगाने का भी आरोप है.
इसी आधार पर अजिंक्य शिंदे, प्रणव आहिरे, आशुतोष रांका, अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आफरीन नवाज, सौम्या कोरडे, अंकित भारद्वाज, विजय मलंगी और योगेश इंगले समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 189(2), 223 और महाराष्ट्र पुलिस कानून की धारा 37(1), 37(3) और 135 के तहत कार्रवाई की है.
सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ लगे नारे
प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को निशाना बनाते हुए नारे लगाए गए.आयोजकों द्वारा अपने आंदोलन का ‘सीजन 2’ बताए गए इस विरोध प्रदर्शन को मुंबई पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने के बावजूद आयोजित किया गया.
बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे, जबकि दादर इलाके के कई हिस्सों में बैरिकेड्स लगाए गए थे. इस प्रदर्शन को सार्वजनिक हस्तियों, बुद्धिजीवियों और बॉलीवुड हस्तियों का भी समर्थन मिला, जिन्होंने कार्यक्रम में भाग लिया और मतदान के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थानों के महत्व के बारे में बात की.
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