• Home
  • शिक्षा समाचार
  • PISA टेस्ट में दिखा चीन का जलवा, सुपरपावर अमेरिका के छात्र रह गए पीछे
Image

PISA टेस्ट में दिखा चीन का जलवा, सुपरपावर अमेरिका के छात्र रह गए पीछे


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छात्रों की पढ़ाई का मूल्यांकन करने वाले सबसे बड़े टेस्ट PISA 2025 के नतीजे घोषित हो गए हैं, जिसमें चीन ने गणित में पूरी दुनिया को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है. दूसरी तरफ, दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति कहे जाने वाले अमेरिका का गणित इस ग्लोबल टेस्ट में पूरी तरह फेल साबित हुआ है और वह रैंकिंग में 27वें नंबर पर खिसक गया है.

आर्थिक सहयोग और विकास संगठन OECD द्वारा हर तीन साल में आयोजित होने वाले इस टेस्ट के ताजा आंकड़े सितंबर 2026 में जारी किए गए हैं. इस बार दुनिया भर के 91 देशों के करीब 7.6 लाख 15 वर्षीय छात्रों ने इस परीक्षा में भाग लिया था. आइए जानते हैं कि इस रिपोर्ट के मुख्य आंकड़े क्या हैं और दुनिया भर के बच्चों की शिक्षा को लेकर क्या बड़े खुलासे हुए हैं.

गणित में चीन का दबदबा, टॉप 10 में एशियाई देश

ताजा PISA रिपोर्ट के मुताबिक, गणित के मामले में पूर्वी एशिया के देशों का पूरी दुनिया पर एकछत्र राज देखने को मिल रहा है. इस टेस्ट में चीन ने 612 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है. हालांकि, चीन के इस स्कोर का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से उसके चार प्रमुख प्रांतों- बीजिंग, शंघाई, जियांग्सू और झेजियांग के छात्रों ने किया है. चीन का यह स्कोर अमेरिका से 100 अंक और वैश्विक औसत से लगभग 150 अंक ज्यादा है. दूसरे नंबर पर सिंगापुर 563 अंक रहा. इसके बाद मकाऊ 549 और ताइवान 546 का नंबर आता है.

दुनिया के टॉप 15 देश और उनके अंक

देश स्कोर
चीन 612
सिंगापुर 563
मकाऊ 549
ताइवान 546
जापान 525
दक्षिण कोरिया 522
हांगकांग 522
एस्टोनिया 508
स्विटजरलैंड 499
यूनाइटेड किंगडम 488
कनाडा 485
पोलैंड 484
नीदरलैंड 483
न्यूजीलैंड 480

सुपरपावर अमेरिका की हालत

इस टेस्ट में पश्चिमी देशों और खासकर अमेरिका का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है. अमेरिका 463 अंकों के साथ वैश्विक स्तर पर 27वें स्थान पर है, जो केवल OECD देशों के औसत के बराबर है. अमेरिका से बेहतर प्रदर्शन उसके पड़ोसी देश कनाडा ने किया है, जो 485 अंकों के साथ 11वें स्थान पर बना हुआ है और उसने जर्मनी, फ्रांस व इटली जैसे बड़े यूरोपीय देशों को पछाड़ दिया है.

यह भी पढ़ें: डाक विभाग में 23000 नौकरियां, 10वीं पास 21 सितंबर करें आवेदन 

पूरी दुनिया में घट रहा है बच्चों का लर्निंग लेवल

OECD की रिपोर्ट में एक बेहद चिंताजनक बात सामने आई है. पिछले एक दशक में दुनिया भर के छात्रों के गणित, विज्ञान और रीडिंग के स्तर में लगातार गिरावट आई है. गणित का वैश्विक औसत 485 से घटकर 463 पर आ गया है, जिसे विशेषज्ञ एक साल की पढ़ाई के नुकसान के बराबर मान रहे हैं. रीडिंग और साइंस में भी अब तक का सबसे कम शैक्षणिक स्तर रिकॉर्ड किया गया है.

स्मार्टफोन और स्क्रीन टाइम बना बड़ी वजह

रिपोर्ट में बच्चों की पढ़ाई पर मोबाइल, टैबलेट के असर का भी जिक्र किया गया है. इसमें पाया गया कि जो छात्र स्कूल के अलावा रोजाना 4 घंटे से अधिक समय फोन या सोशल मीडिया पर बिताते हैं, उनका गणित का स्कोर उन बच्चों की तुलना में बहुत कम आया जो मोबाइल का सीमित इस्तेमाल करते हैं. अत्यधिक मोबाइल यूज से बच्चों का ध्यान पढ़ाई से पूरी तरह भटक रहा है.

यह भी पढ़ें: DU में क्या पढ़ रहे दीपांशु शौकीन, NSUI ने टिकट नहीं दिया फिर भी जीता चुनाव

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Related Posts

UP Doctors News: सरकारी डॉक्टर कर सकेंगे सुपर स्पेशियलिटी की पढ़ाई, UP सरकार ने तय की शर्तें

UP Doctors News: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया…

ByByPUJA KUMARI Nov 7, 2026

RIMS NEET PG Seats: रिम्स में बढ़ीं NEET PG की 36 नई सीटें, अब 212 सीटों पर मिलेगा एडमिशन 

RIMS NEET PG Seats: झारखंड के चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक अच्छी खबर है. दरअसल…

ByByPUJA KUMARI Nov 7, 2026

Punjab Free Coaching Scheme: पंजाब सरकार का युवाओं को तोहफा, UPSC और PCS की तैयारी होगी फ्री

Punjab Free Coaching Scheme: पंजाब सरकार ने राज्य के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों…

ByByPUJA KUMARI Nov 7, 2026

School Bullying Signs: स्कूलों में बुलिंग और साइबर बुलिंग कैसे पहचानें, किन सिग्नल से मदद मांगते हैं बच्चे?

School Bullying Signs: आज के डिजिटल दौर में बच्चों की दुनिया जितनी खुली नजर आती है, उतनी ही…

ByByPUJA KUMARI Nov 7, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top