नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायक तनवीर सादिक ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल बच्चों पर दर्ज ‘पब्लिक सेफ्टी एक्ट’ (PSA) के मामलों को तुरंत वापस लेने की मांग की है.
मंगलवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में ‘जीरो आवर’ के दौरान बोलते हुए सादिक ने सरकार से सहानुभूति दिखाने और उन युवाओं को रिहा करने की अपील की, जिनमें PSA के तहत बुक किए गए बच्चे भी शामिल हैं.
विरोध करने आए बच्चों पर दर्ज हुए थे PSA के मामले
सदन में बोलते हुए, सादिक ने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालिया हालात का जिक्र किया और कहा कि कुछ बच्चे विरोध प्रदर्शन के लिए बाहर आए थे और उनके खिलाफ PSA के तहत मामले दर्ज किए गए थे.
सादिक ने लद्दाख में अधिकारियों द्वारा लिए गए फैसले का जिक्र किया, जहां सरकार ने बाद में उन युवाओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले वापस ले लिए थे जो सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल थे. इन प्रदर्शनों में 4 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी, 84 लोग घायल हुए थे और 25 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे.
उन्होंने कहा कि लद्दाख में बच्चों के खिलाफ मामले बाद में वापस ले लिए गए थे और सरकार से जम्मू-कश्मीर में भी ऐसा ही कदम उठाने की अपील की. उन्होंने कहा, “अगर वहां ऐसा हो सकता है, तो यहां क्यों नहीं? अगर हम ऐसा कर सकते हैं, तो हमारे बच्चों को भी जेलों से रिहा किया जाना चाहिए.”
विधायक ने दिया ये तर्क
विधायक ने तर्क दिया कि इन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने और उन्हें अपनी पढ़ाई-लिखाई में लौटने का मौका देने के लिए नरम रवैया अपनाना जरूरी है. हालिया विरोध प्रदर्शनों के अलावा सादिक ने प्रशासन से उन अन्य राजनीतिक या सुरक्षा से जुड़े कैदियों के खिलाफ लंबे समय से चल रहे मामलों की समीक्षा करने और उन्हें वापस लेने का भी आग्रह किया, जिन्हें अलग-अलग जेलों में रखा गया है.
कश्मीर घाटी के कई इलाकों में हुआ था प्रदर्शन
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर घाटी के कई इलाकों में ईरान के समर्थन में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. जहां NC नेतृत्व और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहले एकजुटता दिखाई थी और सैन्य कार्रवाई की निंदा की थी.
वहीं उपराज्यपाल के नेतृत्व में कानून लागू करने वाले अधिकारियों ने प्रदर्शनों पर सख्ती बरती थी. उन्होंने FIR दर्ज कीं और पत्थरबाजी या हिंसक प्रदर्शन करने वाले कई लोगों, जिनमें नाबालिग भी शामिल थे. उनको सख्त निवारक हिरासत कानूनों के तहत बुक किया.
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