Image

भारत का चार गुना बढ़ा अमेरिका से तेल आयात! रूस की सप्लाई पर लगा ब्रेक


जनवरी 2025 में भारत ने अमेरिका से चार गुना ज्यादा कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) खरीदा। कीमत के हिसाब से भी यह इंपोर्ट 3.4 गुना बढ़ा। ये जानकारी भारत के वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से सामने आई है, जो आमतौर पर…

जनवरी 2025 में भारत ने अमेरिका से चार गुना ज्यादा कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) खरीदा। कीमत के हिसाब से भी यह इंपोर्ट 3.4 गुना बढ़ा। ये जानकारी भारत के वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से सामने आई है, जो आमतौर पर तीन महीने की देरी से जारी होते हैं। इस दौरान रूस, इराक, सऊदी अरब और कुवैत जैसे परंपरागत देशों से तेल की आपूर्ति कम हो गई। कुल मिलाकर भारत का क्रूड ऑयल इंपोर्ट साल-दर-साल 16.3% कम हो गया।

रूस से लगातार दूसरी बार गिरावट, अमेरिका की सख्त सैंक्शन का असर

रूस से भारत को होने वाली तेल आपूर्ति जनवरी में लगातार दूसरे महीने घटी। इसकी बड़ी वजह अमेरिका द्वारा रूस पर लगाए गए नए प्रतिबंध हैं, जिन्हें जनवरी की शुरुआत में लागू किया गया था। रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर है, लेकिन इसकी हिस्सेदारी कम हो रही है। जनवरी 2025 में रूस से तेल आयात 19.35% घटकर 3.61 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 4.47 अरब डॉलर था। दिसंबर 2024 में भी इसमें 18.48% की गिरावट आई थी।

अमेरिका से आया सबसे ज्यादा इज़ाफा

दूसरी ओर, अमेरिका से तेल का इंपोर्ट अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 के बीच 15% बढ़ा है। जनवरी में अमेरिका भारत के लिए सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला सप्लायर बनकर उभरा। इराक और सऊदी अरब से भी तेल की आपूर्ति में गिरावट देखी गई – इराक से 9.69% और सऊदी से 10.78% कम तेल आया। इन देशों से वॉल्यूम में भी कमी देखी गई।

रूस पर सख्त पाबंदियां, भारत ने खोजे नए रास्ते

जनवरी में अमेरिका ने रूस पर अब तक का सबसे सख्त प्रतिबंध लगाया। इसमें तेल कंपनियों, टैंकरों, व्यापारियों और बंदरगाहों को निशाना बनाया गया। रूस की प्रमुख कंपनियां Gazprom Neft और Surgutneftegas और 183 जहाजों को भी ब्लैकलिस्ट किया गया। इनमें कई जहाज़ ऐसे हो सकते हैं जो भारत के लिए तेल ला रहे थे। रूस की एक बड़ी बीमा कंपनी पर भी पाबंदी लगाई गई है। एक भारतीय अधिकारी के मुताबिक, “जनवरी के बाद भारतीय कंपनियों ने कुछ वैकल्पिक रास्ते खोज लिए हैं, लेकिन तेल बाज़ार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।”



Source link

Related Posts

नियमों में बदलाव की तैयारी

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को सोना गिरवी रखकर ऋण देने वाली कंपनियों के लिए एक सर्कुलर…

ByByPUJA KUMARI Sep 28, 2026

भारत के पास व्यापार डील को अंतिम रूप देने का सुनहरा मौका

अमेरिका ने अधिकांश देशों पर लगाए गए जवाबी शुल्कों को तीन महीने तक टाल दिया है। ऐसे…

ByByPUJA KUMARI Sep 28, 2026

क्या भारत के निर्यात को मिलेगी नई सांस या और बढ़ेगी होड़?

अमेरिकी प्रशासन द्वारा जवाबी शुल्क को अस्थायी रूप से रोकने तथा अधिकांश देशों पर अतिरिक्त 10 फीसदी…

ByByPUJA KUMARI Sep 28, 2026

अमेरिकी टैरिफ के डर से मूडीज ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान घटाया

मूडीज एनालिटिक्स ने गुरुवार को कैलेंडर वर्ष 2025 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि…

ByByPUJA KUMARI Sep 28, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top