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IMF ने बताया Global Tariff War से Indian Economy को होगा कितना नुकसान  


अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने मंगलवार को अपने नवीनतम वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) में भारत के FY26 (2025-26) के लिए विकास दर का अनुमान 30 आधार अंकों से घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है। इस कटौती के पीछे बढ़ते व्यापारिक…


International Monetary Fund (IMF)

International Monetary Fund (IMF)

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने मंगलवार को अपने नवीनतम वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) में भारत के FY26 (2025-26) के लिए विकास दर का अनुमान 30 आधार अंकों से घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है। इस कटौती के पीछे बढ़ते व्यापारिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता को वजह बताया गया है।

WEO रिपोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि व्यापारिक तनावों में तेजी से वृद्धि ने नीति संबंधी अनिश्चितता को बहुत अधिक बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक विकास दृष्टिकोण तय करना पहले से कहीं अधिक कठिन हो गया है।

गांवों की निजी खपत ने संभाली स्थिति

International Monetary Fund ने अपने World Economic Outlook में कहा कि भारत के लिए विकास का परिदृश्य अपेक्षाकृत स्थिर है – 2025 (2025-26) में 6.2 प्रतिशत – जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में निजी खपत से समर्थन मिलेगा, लेकिन यह दर जनवरी 2025 के WEO अपडेट से 0.3 प्रतिशत अंक कम है। 

IMF रिपोर्ट के अनुसार, भारत, जिसकी जनसांख्यिकीय स्थिति निकट भविष्य में अपेक्षाकृत अनुकूल है, 2025-2050 के दौरान केवल 0.7 प्रतिशत अंकों की धीमी विकास दर का अनुभव करेगा। हालांकि, 2050-2100 के बाद यह गिरावट तेज़ हो सकती है क्योंकि देश अपनी जनसांख्यिकीय परिवर्तन बिंदु से आगे निकल जाएगा।

आर्थिक सर्वेक्षण ने FY26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर को 6.3 से 6.8 प्रतिशत के दायरे में अनुमानित किया है। सांख्यिकी मंत्रालय ने FY25 के लिए जीडीपी विकास दर 6.5 प्रतिशत अनुमानित की है।

वैश्विक विकास दर का अनुमान भी घटाया 

IMF ने वैश्विक विकास दर 2024 में अनुमानित 3.3 प्रतिशत से घटकर 2025 में 2.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है (जनवरी पूर्वानुमान से 0.5 प्रतिशत अंक कम), और फिर 2026 में 3 प्रतिशत (जनवरी से 0.3 प्रतिशत अंक कम) तक सुधरने की संभावना जताई है। यह गिरावट लगभग सभी देशों के लिए अनुमानित है।

“ये गिरावट विभिन्न देशों में व्यापक रूप से देखी गई है और इसका मुख्य कारण नए व्यापार उपायों के प्रत्यक्ष प्रभाव और उनके अप्रत्यक्ष प्रभाव जैसे व्यापार संबंधी लिंक, अनिश्चितता में वृद्धि और निवेशकों की नकारात्मक भावना है,” IMF ने कहा।

Moody’s ने GDP ग्रोथ रेट को घटाया

पिछले सप्ताह, मूडीज़ रेटिंग्स ने कैलेंडर वर्ष 2025 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान फरवरी में 6.6 प्रतिशत से घटाकर 5.5 से 6.5 प्रतिशत के दायरे में कर दिया था। इसका कारण अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ बताए गए, जिनसे वैश्विक व्यापार गतिविधियों पर असर पड़ेगा, क्षेत्रीय निर्यात की मांग घटेगी, कारोबारी विश्वास कमजोर होगा और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में निवेश प्रभावित होगा।

Fitch Ratings ने GDP ग्रोथ रेट कम होने की बात कही

फिच रेटिंग्स ने भी FY26 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को मार्च के पूर्वानुमान के मुकाबले 10 आधार अंकों से घटाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया है, जिसका कारण अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाने की घोषणाओं के बाद व्यापार युद्ध की तीव्रता में वृद्धि को बताया गया।

 

Agency Earlier (In %)        Now  (In %)
IMF 6.5   6.2
Moody’s (For Calendar year 2025) 6.6   5.5-6.5
ADB 7 6.7
Fitch 6.5 6.4
UBS 6.3 6

(Source – BS Research)

Moody’s ने भारत का ग्रोथ अनुमान घटाया, निवेश पर मंडराया संकट

Fitch Ratings का अनुमान, FY26 में 6.5% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ

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