सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार 11 अक्टूबर को हमला हुआ था. सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, एयरपोर्ट के टर्मिनल-4 पर आग लग गई थी. इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 11 लोग घायल हुए. लगातार हमलों के कारण किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन रोक दिया गया था. इन घटनाओं से सऊदी अरब में हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
10 अक्टूबर को हुए हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 309 लोग घायल हुए थे. सऊदी सिविल एविऐशन ऑथोरिटी के मुताबिक, मृतकों में सऊदी अरब के 4 नागरिक, बांग्लादेश के 2 नागरिक और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के 1-1 नागरिक शामिल थे. इस हमले के बाद एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी सिस्टम कड़ी कर दी गई.
The moment a Houthi ballistic missile struck King Khalid International Airport in Riyadh, Saudi Arabia. 40 Bangladeshi pilgrims had been injured in the attack. #Riyadh #SaudiArabia https://t.co/kEM4Io0Q6w
— SilentFrame (@SilentFrameM) October 12, 2026
हूती विद्रोहियों ने ली हमले की जिम्मेदारी
हूती विद्रोहियों ने 10 अक्टूबर के हमले की जिम्मेदारी ली थी. यह संगठन ईरान के समर्थन के लिए जाना जाता है. हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों को निशाना बनाने की चेतावनी भी दी है. हमले के समय एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों के भागने का वीडियो भी सामने आया है. रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में तेज रोशनी और धुएं के बाद लोगों को सुरक्षित जगह की ओर जाते देखा जा सकता है. लगातार हमलों के कारण कई उड़ानें कैंसिल हुईं या उनके समय में बदलाव किया गया. यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है.
यमन में संघर्ष तेज होने का खतरा
सऊदी अरब लंबे समय से यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता रहा है और हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल है. हाल के हमलों से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष और बढ़ने की आशंका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब की कार्रवाई में अमेरिका की तरफ से मदद पहुंचाने के मुद्दे पर भी विचार किया है.














