हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन (HCSA) की ओर से कॉलेज के प्रिंसिपल और गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा. यह विरोध प्रदर्शन को बुधवार को दूसरे महीने प्रवेश कर चुका है. वहीं अब दूसरे महीने के बाद भी यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. विरोध कर रहे संगठन ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है.
संगठन की ओर से बुधवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि कॉलेज में एडमिशन, नियुक्तियां और वित्तीय प्रबंधन के नियमों का पालन नहीं हो रहा है. सुपरन्यूमैरेरी सीटों पर एडमिशन में अनियमितताओं का आरोप है और डीयू के नियमों का भी उल्लंघन हो रहा है. आपको बता दे कि संगठन ने कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अंजू श्रीवास्तव और गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष टी. सी. ए. रंगाचारी को तुरंत पद से हटाने की मांग कर रहे हैं.
क्यों हो रहा है यह पूरा विवाद?
डीयू के हिंदू कॉलेज में यह पूरा विवाद 14 सितंबर से शुरू हुआ था. इसमें कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन ने आरोप लगाया था कि इस बार यूजी एडमिशन में भर्ती और एक्स्ट्रा करिकुलम एक्टिविटी कोटा के तहत सीटों के आवंटन में दिल्ली यूनिवर्सिटी के नियमों का उल्लंघन किया गया. हालांकि शुरुआत में यह मुद्दा केवल एडमिशन में गड़बड़ी तक ही था, लेकिन पिछले कुछ सप्ताह से संगठन का कॉलेज प्रशासन के खिलाफ आरोपों का दायरा बढ़ गया है.
संगठन ने कॉलेज प्रशासन पर लगाए यह आरोप
- संगठन की ओर से प्रशासन पर आरोप लगाया गया है कि कॉलेज में एडमिशन के लिए यूनिवर्सिटी के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है.
- इसके अलावा गवर्निंग बॉडी की बैठकों में मिनिट्स, ऑडिट खाते, टेंडर और अनुबंध सार्वजनिक न करने का आरोप भी है.
- वहीं निर्णय लेने वाली स्टाफ काउंसिल को दरकिनार करने का आरोप भी लगाया है.
- HCSA ने कॉलेज में शिक्षकों की छुट्टी और प्रमोशन से जुड़े काम में देरी का भी आरोप लगाया है.
- कॉलेज में फीस और छात्रवृत्ति के प्रबंधन पर भी सवाल उठाए गए हैं.
- प्रशासन में बार-बार हो रही आग की घटनाओं पर भी सवाल उठाया गया है.
- हॉस्टल के निर्माण के लिए हायर एजुकेशन फाइनेंसिंग एजेंसी से लोन लेने के फैसले का भी विरोध हो रहा है.
- स्पोर्ट्स और ईसीए कोटे के तहत एडमिशन में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच.
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प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर कार्रवाई
एसोसिएशन के अधिकारियों के अनुसार प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है. HCSA के अध्यक्ष रतनलाल, सचिव शंकर कुमार और वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य पी.के. विजयन को घोर अनुशासनहीनता और अनाधिकार का आरोप लगाते हुए कारण बताओं नोटिस थमाए गए हैं. संगठन ने यह भी आरोप लगाया है कि दलित और समाज के दूसरे वंचित वर्गों से आने वाले शिक्षकों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है. ऐसे में शिक्षक इन सभी नोटिस को तुरंत वापस लेने की मांग भी कर रहे हैं.
डीयू से की हस्तक्षेप की मांग
HCSA ने डीयू की कुलपति और गवर्निंग बॉडी को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और हिंदू कॉलेज का प्रशासनिक नियंत्रण अस्थायी रूप से अपने हाथ में लें. इसके अलावा शिक्षकों ने यह भी मांग की है कि एक विस्तारित गवर्निंग बॉडी का गठन किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और सीएजी की टिप्पणियों और सिफारिश को तुरंत लागू किया जाए.
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