लखनऊ में शिवा शर्मा मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश से पुलिस टीम ने करीब 5 घंटे तक पूछताछ की. इस दौरान वो हर सवाल पर एक ही जवाब देती रही कि मेरे वकील से बात करिए. पुलिस ने पूछताछ के बाद सिविल अस्पताल में तीनों का मेडिकल करवाया और आज (22 अक्टूबर) शाम को करीब 5:30 बजे तीनों को कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने तीनों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
पुलिस ने करीब पांच घंटे की पूछताछ में श्रद्धा से 20 से ज्यादा सवाल किए. लेकिन उसने ज्यादातर सवालों पर चुप्पी साधे रखी. पुलिस के सवालों के जवाब में श्रद्धा बार-बार खुद को बेगुनाह बताती रही.
9 तारीख को क्या हुआ था?
पुलिस ने पूछताछ के दौरान श्रद्धा से 9 तारीख की शाम हुई घटना के बारे में सवाल किया गया. पुलिस ने पूछा कि उस शाम फ्लैट में क्या हुआ था और घटना के बाद वहां कौन-कौन मौजूद था. इन सवालों पर श्रद्धा ने कोई जवाब नहीं दिया. उसके साथ रश्मि और दानिश भी खामोश रहे.
जांच टीम ने यह भी जानने की कोशिश की कि घटना के बाद श्रद्धा नेपाल कैसे पहुंची, उसके साथ कौन-कौन था और नेपाल से लखनऊ लौटने का रास्ता क्या था. इन सवालों पर भी उसने चुप्पी बनाए रखी और वकील से बात कराने की मांग की.
नकदी कहां से आई?
पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन और नकदी बरामद की. पुलिस ने श्रद्धा से पूछा कि एटीएम और यूपीआई का इस्तेमाल किए बिना उसके पास नकदी कहां से आई. इस सवाल पर भी उसने कोई जवाब नहीं दिया. पुलिस ने पांच मोबाइल फोन और एक एटीएम कार्ड को जांच के लिए कब्जे में लिया है. डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपियों की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है.
कोर्ट में सिर झुकाए खड़ी रही श्रद्धा
अदालत में पेशी के दौरान श्रद्धा दुबे सिर झुकाए खड़ी रही. कोर्ट की ओर से हिरासत के संबंध में आदेश सुनाए जाने के दौरान भी उसने कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी. पुलिस अब पूछताछ और बरामद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर शिव शर्मा की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जांच आगे बढ़ा रही है.














