उत्तर प्रदेश के शामली में खनन विभाग पर मेरठ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने खनन विभाग के लिपिक सदाम और खनन अधिकारी सुधाकर सिंह को हिरासत में लिया है. दोनों पर एक व्यक्ति से रिश्वत मांगने का आरोप है. कार्रवाई के दौरान खनन अधिकारी के कार्यालय और आवास से लाखों रुपये की नकदी बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है.
बताया जा रहा है कि बरामद रकम करीब 65 लाख रुपये है. फिलहाल एंटी करप्शन टीम रकम के स्रोत और पूरे मामले की जांच में जुटी है. इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
यह भी पढ़ें: धर्म परिवर्तन के आरोप में 4 गिरफ्तार, आगरा केस में 5 राज्यों तक जांच
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, जिले के एक व्यक्ति ने खनन विभाग के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए मेरठ एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी. शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच की और शामली पहुंचकर कार्रवाई की. बताया जा रहा है कि एंटी करप्शन की टीम ने कार्रवाई करते हुए खनन विभाग के लिपिक सदाम और खनन अधिकारी सुधाकर सिंह को पकड़ लिया.
कार्रवाई के दौरान टीम ने खनन अधिकारी के कार्यालय और डीएम आवास के पास स्थित उनके आवास पर भी जांच की. पट्टा कराने के नाम पर 185000 की रिश्वत ली गई थी. सहायक सद्दाम के घर से लगभग 70 लख रुपए बरामद किए हैं. एक महीने से पट्टा धारक को चकमा दे रहे थे.
भारी मात्रा में रकम बरामदगी का दावा
जांच के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की बात सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, बरामद रकम करीब 65 लाख रुपये बताई जा रही है. हालांकि, इस रकम का वास्तविक स्रोत क्या है और यह राशि किस वजह से रखी गई थी, इसकी जांच एंटी करप्शन टीम द्वारा की जा रही है. कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को थाना आदर्श मंडी ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है. टीम द्वारा शिकायत, रिश्वत के आरोप और बरामद नकदी से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.
फिलहाल पूरे मामले में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई जारी है. बरामद नकदी की गिनती, उसके स्रोत और रिश्वत से उसके किसी संभावित संबंध की जांच की जा रही है. मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा.
यह भी पढ़ें: लखनऊ को CM योगी की सौगात, 12000 करोड़ के प्रोजेक्ट का किया भूमिपूजन














