रूस और यूक्रेन के बीच मंगलवार (27 अक्टूबर) स्थानीय स्तर पर सीजफायर लागू हो गया. अहम बात यह है कि इस मामले में अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने दखल दिया था. उनके दखल के बाद यूक्रेन के दक्षिणी शहर ओलेश्की में अस्थायी सीजफायर लागू हो गया. इस समझौते के तहत मानवीय सहायता पहुंचाने और युद्धग्रस्त शहर में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए मिलिट्री एक्शन रोकने पर सहमति बनी है.
व्हाइट हाउस ने इसको लेकर पहले ही जानकारी दे दी थी. इसके तहत राहत सामग्री पहुंचाने और नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए एक निर्धारित सुरक्षित रास्ता बनाया जाएगा. यह समझौता मेलानिया ट्रंप, उनके प्रतिनिधि की रूस और यूक्रेन की लीडरशिप के साथ सीधी बातचीत के बाद हुआ.
मेलानिया के ऑफिस ने क्या बताया
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक मेलानिया ट्रंप के ऑफिस ने बताया, मेलानिया ने संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों से मुलाकात के बाद रूस और यूक्रेन के सिविल नेगोशिएटर्स के साथ बातचीत की अगुवाई की. यह राहत मिशन अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच अगले महीने होने वाली नए दौर की वार्ता से पहले तय किया गया है. अहम बात यह भी है कि रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध को खत्म करने की यह अहम पहल मानी जा रही है.
ओलेश्की में फंसे 2000 लोग
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, ओलेश्की में करीब 2000 लोग फंसे हुए हैं और वहां खाने और दवाओं की सप्लाई लगातार कम हो रही है. लोग इलाके में बिछी विस्फोटक सुरंगों और ड्रोन हमलों के कारण बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. हालांकि अब समझौते के बाद इस क्षेत्र में अस्थायी सीजफायर लागू हो गया है. रूस-यूक्रेन के बीच लंबे वक्त से युद्ध चल रहा है और इसकी वजह से हजारों लोगों की जान भी जा चुकी है.
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