उत्तर प्रदेश में भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए आयोजित ‘भारत बौद्धिक्स 2.0 नेशनल एग्जामिनेशन-2026’ को युवाओं का अच्छा समर्थन मिल रहा है. इस राष्ट्रीय ज्ञान प्रतियोगिता के लिए अब तक 1 लाख 60 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकरण करा चुके हैं. प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस परीक्षा में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है. विद्यार्थियों को पंजीकरण का एक और मौका देते हुए इसकी अंतिम तारीख बढ़ाकर 5 नवंबर 2026 कर दी गई है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भारतीय ज्ञान, दर्शन, विज्ञान और सांस्कृतिक विरासत को युवाओं तक पहुंचाने के लिए यह पहल कर रही है. इसका मकसद विद्यार्थियों को देश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध ज्ञान परंपरा से परिचित कराना है. साथ ही नई पीढ़ी में अपनी संस्कृति और सभ्यता के प्रति समझ और गौरव की भावना विकसित करना भी है.
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भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ेंगे युवा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप ‘भारत बौद्धिक्स 2.0’ को शिक्षा व्यवस्था में भारतीय ज्ञान परंपरा को प्रोत्साहित करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. इस प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को भारत के दर्शन, विज्ञान, कला, साहित्य और बौद्धिक विरासत से रूबरू कराया जाएगा. सरकार का मानना है कि अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी युवाओं को विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में बेहतर भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगी.
परीक्षा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने लखनऊ स्थित अपने आवास से वर्चुअल बैठक की. इसमें प्रदेश के सभी राज्य, निजी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों, परीक्षा नियंत्रकों, महाविद्यालयों के प्राचार्यों और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
बैठक में मंत्री ने निर्देश दिया कि बचे हुए समय में विशेष अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों का पंजीकरण कराया जाए. इसके लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में प्राध्यापकों और नोडल अधिकारियों की सक्रिय टीमें बनाने को कहा गया. ये टीमें सीधे कक्षाओं तक पहुंचकर विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेंगी, ताकि कोई भी इच्छुक छात्र इससे वंचित न रहे.
परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता पर जोर
उच्च शिक्षा मंत्री ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए भी जरूरी निर्देश दिए. सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को विश्वविद्यालय स्तरीय नोडल अधिकारी और परीक्षा नियंत्रकों को विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षा नियंत्रक नामित करने को कहा गया है.
परीक्षा नियंत्रकों को प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने, उनके सुरक्षित संग्रहण और परीक्षा केंद्रों तक समय से पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखने, उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन और मूल्यांकन की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी. जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन का सहयोग भी लिया जाएगा.
21 नवंबर को दो घंटे की होगी परीक्षा
‘भारत बौद्धिक्स 2.0 नेशनल एग्जामिनेशन-2026’ का आयोजन 21 नवंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा. यह परीक्षा प्रदेशभर में ऑफलाइन माध्यम से होगी. इसमें कला, विज्ञान, वाणिज्य और सामाजिक विज्ञान विषयों के स्नातक और परास्नातक स्तर के विद्यार्थी हिस्सा ले सकेंगे.
परीक्षा का पाठ्यक्रम और इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक पोर्टल bharatboudhiks.com पर उपलब्ध है. इच्छुक विद्यार्थी 5 नवंबर तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं.
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परीक्षा के बाद मेधावी विद्यार्थियों का चयन तीन स्तरों वाली पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा. इसमें पहले स्थान पर आने वाले विद्यार्थी को एक लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा. दूसरे स्थान पर आने वाले दो विद्यार्थियों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे. वहीं, तीसरा स्थान हासिल करने वाले चार विद्यार्थियों को 25-25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी.
इसके अलावा 300 विद्यार्थियों को 2,500-2,500 रुपये के सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवा भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने और उससे जुड़ने के लिए आगे आएंगे.














