ईरान और अमेरिका के बीच अभी तक युद्ध खत्म नहीं हुआ है. इस युद्ध को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच समझौते चल रहे हैं मगर दोनों ही अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं. अराघची ने अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच अपने देश का रूख साफ किया है. उन्होंने कहा है कि वो शांति चाहते हैं. लेकिन साथ ही हम सच्ची कूटनीति के लिए भी तैयार हैं.
यूएनजीसी में ईरान के राष्ट्रपति ने दुनिया में हो रहे घटनाक्रमों पर अपना पक्ष रखा. खासकर उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए युद्ध और हमलों पर ईरान की स्थिति बताई. अब विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि वो लोग न्यूयॉर्क युद्ध बढ़ाने के लिए नहीं शांति के लिए आए.
”शांति के लिए आए हैं”
ईरान के विदेश मंत्री अरागची ने लिखा, “राष्ट्रपति पेजेश्कियान और मैं न्यूयॉर्क युद्ध बढ़ाने नहीं, शांति के लिए आए हैं. NBC ‘मीट द प्रेस’ को दिए इंटरव्यू में अरागची ने कहा, हम युद्ध फिर शुरू होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, चाहे वो विनाशकारी युद्ध ही क्यों न हो. लेकिन साथ ही हम सच्ची कूटनीति के लिए भी तैयार हैं. फैसला राष्ट्रपति ट्रंप को करना है.”अराघची ने कहा कि उनकी न्यूयॉर्क में सभी बैठकें होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की शर्तों पर फोकस हैं.
”अमेरिका झूठ बोल रहा है”
ईरान के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा, अमेरिका कह रहा है कि ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर कंट्रोल नहीं है, लेकिन तेल के दाम $35 से $50 तक बढ़े हुए हैं. गालिबाफ ने कहा, या तो मार्केट बेवकूफ है या अमेरिका झूठ बोल रहा है.
अराघची का ये बयान तब आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. ईरान ने होर्मुज स्टेट दोबारा खोलने और क्षेत्र में लड़ाई रोकने के लिए कहा था मगर ट्रंप ने इसे खारिज कर दिया और कहा कि ईरान ने होर्मुज खोलने का समझौता इसलिए दिया क्योंकि वो दबाव में है.
बता दें अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिश काफी समय से हो रही है. होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण तेल की आवाजाही प्रभावित हुई है. इस स्ट्रेट को लेकर दोनों देशों के बीच गतिरोध अब शांति वार्ता का सबसे अहम मुद्दा बन गया है.
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