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जिनपिंग के US पहुंचते ही ट्रंप ने चीन को दिया बड़ा तोहफा, किस मसले पर बनी बात?


अमेरिका ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका पहुंचते ही चीन को गुड न्यूज दे दी है. यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ चल रहे व्यापारिक युद्धविराम को आगे बढ़ा दिया है. यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने घोषणा की है कि अमेरिका-चीन के बीच मौजूदा व्यापारिक युद्धविराम आगे बढ़ाने पर सहमति बन गई है. जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ अमेरिका पहुंचे, जहां उनका मेलानिया ट्रंप ने स्वागत किया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग का जॉइंट बेस एंड्रयूज पर स्वागत किया. ट्रंप-जिनपिंग की मुलाकात के साथ ही दोनों देशों के बीच बड़ी सहमति बनी. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और चीन ने 10 जनवरी 2027 तक व्यापारिक युद्धविराम को आगे बढ़ा दिया है. इससे पहले व्यापारिक युद्धविराम 10 नवंबर को खत्म होने वाला था. हालांकि अब करीब दो महीने आगे बढ़ गया है. इससे टैरिफ समेत दूसरे मसलों पर बातचीत जारी रह सकेगी.

अमेरिका-चीन के मतभेद पर क्या बोले मार्को रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली मुलाकात पर अपनी बात रखी. रुबियो ने कहा, ‘अमेरिका और चीन के बीच मतभेद हैं, लेकिन दोनों देशों के नेताओं के बीच शीर्ष स्तर पर बातचीत जरूरी है.’ उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं और दोनों की सेनाएं भी दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में शामिल हैं.

टैरिफ की वजह से अटक गई थी ट्रेड डील

ट्रंप-जिनपिंग की मुलाकात से पहले दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया था. इसी वजह से चीन-अमेरिका के बीच ट्रेड डील भी अटक गई थी. इन दोनों ने एक-दूसरे पर टैरिफ काफी ज्यादा लगा दिया था, हालांकि अब अमेरिका-चीन के रिश्तों में नरमी आ गई है.

जिनपिंग का ग्रैंड वेलकम

चीनी राष्ट्रपति के अमेरिका पहुंचने के साथ ही उनके आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई. इनमें व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत, स्टेट डिनर और नेशनल आर्काइव्स का संयुक्त दौरा शामिल है. जिनपिंग को लेकर आया एयर चाइना विमान जब मीडिया के लिए बनाए गए मंच के सामने पहुंचा तो कर्मचारियों ने करीब 100 फुट लंबा रेड कार्पेट बिछाया. रेड कार्पेट के आखिर में ट्रंप और शी जिनपिंग साथ-साथ खड़े हुए. उनके दोनों तरफ अमेरिका और चीन के झंडे लगे थे. 

यह भी पढ़ें : ‘जंतर-मंतर के बाद का भारत…’, सौरव दास ने EC विवाद पर सरकार को दी चेतावनी



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