जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने दिसंबर 2015 में काशी को एक खूबसूरत तोहफा दिया था. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिंजो आबे वाराणसी दौरे पर थे. इस दौरान वाराणसी में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की आधारशिला रखी गई थी. यह भारत और जापान की अटूट दोस्ती और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाला एक अनोखा भवन काशी को तोहफे के रूप में प्राप्त हुआ था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिंजो आबे के प्रति अपनी दोस्ती को निभाना नहीं भूले. पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 सालों के अवसर पर देशभर में चल रहे सेवा संकल्प यात्रा का समापन हो चुका है. इस दौरान काशी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में ही शिंजो आबे मेमोरियल कॉरिडोर का भी उद्घाटन किया गया.
नौकरी तलाशने से आगे बढ़कर समाधान प्रस्तुत कर रहे युवा, UP Rise में दिखी नई सोच
सीएम योगी और Mrs आबे ने किया उद्घाटन
काशी में सेवा संकल्प यात्रा के समापन में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इस दौरान काशी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे ने शिंजो आबे मेमोरियल कॉरिडोर का उद्घाटन किया.
उल्लेखनीय है कि साल 2015 दिसंबर महीने में जब शिंजो वाराणसी पहुंचे थे तो न सिर्फ उन्होंने इस भवन की आधारशिला रखी थी बल्कि वह काशी की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल हुए थे. काशी की विरासत को देखकर वह बहुत प्रभावित हुए थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें पूरा सम्मान देते हुए और अपनी अटूट दोस्ती को निभाते हुए उनके नाम से इसी रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में एक कॉरिडोर प्रदान किया है.
भावुक हो गईं अकी आबे
शिंजो आबे का निधन हो चुका है और वाराणसी में इस कॉरिडोर के उद्घाटन के मौके पर उनकी पत्नी अकी आबे भी पहुंची थी. इस कॉरिडोर के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के सभी लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया और वह भावुक भी हो गई. उद्घाटन करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिंजो आबे मेमोरियल कॉरिडोर भारत और जापान के सांस्कृतिक एवं कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक है.
UP: स्वच्छता पर योगी सरकार फोकस, 189 नगर निकायों में बने 950 पिंक टॉयलेट


















