नोएडा से जुड़ी प्रशासनिक चर्चाओं के बीच इन दिनों IAS अधिकारी मेधा रूपम का नाम भी चर्चा में चल रहा है. मेधा रूपम नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) मामले को लेकर इन दिनों चर्चा में बनी हुई है. कुछ समय पहले उन्हें गौतम बुद्ध नगर का नया जिलाधिकारी बनाया गया था और वह जिले की पहली महिला DM हैं.
मेधा रूपम 2014 बैच के IAS अधिकारी है. प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के साथ उनके करियर की एक खास बात यह भी रही है कि वह शूटिंग में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बन चुकी हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको मेधा रूपम की पढ़ाई, यूपीएससी और उनके IAS बनने तक का सफर बताते हैं.
सेंट स्टीफन कॉलेज से की पढ़ाई
मेधा रूपम का जन्म आगरा में हुआ और उनकी शुरुआती पढ़ाई केरल में हुई. इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स की पढ़ाई की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम दिया और ऑल इंडिया रैंक 10 हासिल की. यूपीएससी में उन्होंने साइकोलॉजी को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना था. परीक्षा में सफलता के बाद 2014 में वह उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी बनी. उनकी पहली पोस्टिंग असिस्टेंट मजिस्ट्रेट के तौर पर बरेली में हुई. वहीं उनके परिवार का भी प्रशासनिक सेवा से जुड़ाव रहा है, उनके पिता ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं.
IAS बनने से पहले शूटिंग में भी कमाया नाम
मेधा रूपम का करियर सिर्फ सिविल सेवा तक सीमित नहीं रहा है. स्कूल के दिनों से ही उनका जुड़ाव राइफल शूटिंग से था. उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में हिस्सा लिया और केरल स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में तीन गोल्ड मेडल जीते थे. वह राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता में भी केरल का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. आईएएस बनने के बाद भी शूटिंग से उनका जुड़ाव बना रहा. मेरठ और उन्नाव में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के दौरान भी उन्होंने शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया.
ये भी पढ़ें-यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा का ई-सर्टिफिकेट जारी, ऐसे करें डाउनलोड
यूपी के कई जिलों में संभाली है जिम्मेदारी
आईएएस के तौर पर मेधा रूपम ने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में काम किया. बरेली के बाद उन्होंने मेरठ और उन्नाव में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के तौर पर जिम्मेदारी संभाली. इसके अलावा लखनऊ, बाराबंकी, हापुड़ और कासगंज में भी उनकी तैनाती रही. हापुड़ की डीएम रहते हुएउन्होंने इम्यूनाइजेशन और आयुष्मान भारत से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम किया. कासगंज में बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए प्रभावित इलाकों में ट्रैक्टर से पहुंचने की उनकी तस्वीरें भी खूब चर्चा में रही थी.
जेवर एयरपोर्ट से भी जुड़ी रहीं
फरवरी 2023 से जून 2024 तक मेधा रूपम ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की एडिशनल सीईओ रहीं. इस दौरान वह क्षेत्र के कई इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लानिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी. इनमें जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी जैसे प्रोजेक्ट शामिल थे. इसके बाद उन्होंने कासगंज के डीएम के तौर पर जिम्मेदारी संभाली और अब नोएडा की पहली महिला जिलाधिकारी बनी हैं.
ये भी पढ़ें-नीट पीजी 2026 टॉपर लिस्ट जारी, देखें टॉप 20 की लिस्ट और कट ऑफ
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

















