जम्मू-कश्मीर में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) शुरू होने से पहले, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने पूरे जम्मू-कश्मीर में दो दिन का ‘स्पेशल इंटेंसिव वोटर एनरोलमेंट ड्राइव’ (मतदाता पंजीकरण अभियान) चलाने की घोषणा की है.
“कोई भी मतदाता पीछे न छूटे” के सिद्धांत पर आधारित इस विशेष अभियान का मकसद उन नागरिकों, युवाओं और पहली बार पात्र बने मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना है जो अब तक इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं. यह अभियान 10 अक्टूबर (शनिवार) और 11 अक्टूबर (रविवार), 2026 को चलाया जाएगा, जो सप्ताहांत (weekend) पर मतदाताओं की सुविधा के लिए शुरू की जा रही एक नियमित पहल की शुरुआत होगी.
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सुबह 9 से शाम 5 बजे तक चलेगा अभियान
यह विशेष अभियान जम्मू-कश्मीर के सभी मतदान केंद्रों पर दोनों दिन सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलाया जाएगा. इससे पात्र नागरिकों को मतदाता के तौर पर पंजीकरण कराने और अपनी चुनावी जानकारी को अपडेट या ठीक कराने का आसान मौका मिलेगा.
CEO ने संबंधित अधिकारियों के साथ की बैठक
इस विशेष अभियान की तैयारियों की समीक्षा और उन्हें अंतिम रूप देने के लिए CEO ने जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AEROs) के साथ एक समीक्षा बैठक की, जिसमें यह घोषणा की गई. संजीव वर्मा ने चुनाव तंत्र को निर्देश दिया कि वे बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचें और प्रभावी ढंग से सुविधाएँ उपलब्ध कराएँ ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे.
इस पहल के तहत, सप्ताहांत पर मतदाता पंजीकरण और सुविधा अभियान नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे नागरिकों को पंजीकरण और चुनावी विवरण अपडेट कराने के लिए अपने नजदीकी मतदान केंद्र पर जाने का सुविधाजनक मौका मिलेगा.
CEO ने संबंधितों को दिए आवश्यक निर्देश
CEO ने DEOs और EROs/AEROs को निर्देश दिया कि वे इस पहल के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए बड़े पैमाने पर संस्थागत और सार्वजनिक स्तर पर लोगों तक पहुँचें. उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से नियमित रूप से ज़मीनी स्तर की जानकारी देने को भी कहा. इन पोस्ट में संबंधित मतदान केंद्र, विधानसभा क्षेत्र और जिले का विवरण होना चाहिए ताकि नागरिक अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें.
मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे BLO
दो दिन के इस अभियान के दौरान, बूथ स्तर के अधिकारी (BLOs) सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मौजूद रहेंगे. वे नागरिकों को फॉर्म 6, 7 और 8 जमा करने में मदद करेंगे और पंजीकरण, नाम हटाने और चुनावी विवरण में सुधार/अपडेट करने की प्रक्रिया में सहायता करेंगे. नागरिकों को फ़ॉर्म जमा करने के लिए दो तरह की सुविधाएँ मिलेंगी: वे फ़ॉर्म को सीधे (फिजिकली) जमा कर सकते हैं या ‘वोटर हेल्पलाइन ऐप’ के ज़रिए डिजिटल रूप से जमा कर सकते हैं.
CEO ने BLOs को किया निर्देशित
CEO ने BLOs को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर उन योग्य नागरिकों की पहचान करें और उनकी मदद करें जो शायद वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं. इसमें युवाओं, पहली बार वोट देने वालों, महिलाओं, दिव्यांगों (PwDs) और मदद की ज़रूरत वाले अन्य योग्य नागरिकों पर खास ध्यान दिया जाएगा.
नागरिकों से अभियान का फायदा उठाने की अपील
संजीव वर्मा ने नागरिकों से इस पहल का पूरा फ़ायदा उठाने की अपील की. उन्होंने सभी योग्य लोगों से कहा कि वे 10 या 11 अक्टूबर को अपने नज़दीकी पोलिंग स्टेशन पर जाएँ और वहाँ उपलब्ध एनरोलमेंट और दूसरी सुविधाओं का लाभ उठाएँ. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि वोटर लिस्ट को पूरी तरह सही और समावेशी बनाए रखने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बहुत जरूरी है.
चुनाव विभाग ने ज़मीनी स्तर पर वोटर एनरोलमेंट को और आसान बनाने और यह पक्का करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है कि हर योग्य नागरिक को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बनने का सुविधाजनक मौका मिले.
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