समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है. जौहर यूनिवर्सिटी में कथित गड़बड़ियों के आरोप में ईडी ने आजम को गिरफ्तार किया है. आजम की गिरफ्तारी के बाद सियासी प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. भारतीय जनता पार्टी, सपा, कांग्रेस समेत कई दलों से प्रतिक्रियाएं आईं. एक ओर जहां बीजेपी ने कहा कि यह न्याय हो रहा है तो वहीं सपा ने इसे एजेंसियों का दुरुपयोग बताया. वहीं कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया.
इस बीच सबकी निगाहें दिल्ली में रामलीला मैदान की रैली पर टिकी हैं. इस रैली में सपा चीफ अखिलेश यादव भी शामिल होंगे. संभावना है कि अखिलेश यादव भी मंच से रैली को संबोधित करेंगे. ऐसे में सपा और आजम समर्थकों को उम्मीद है कि यूपी के पूर्व सीएम, रामलीला मैदान से आजम खान का मुद्दा उठा सकते हैं.
आजम को ईडी ने ऐसे वक्त गिरफ्तार किया है जब देश भर में इंडिया अलायंस, एसआईआर और भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलित है और रामलीला मैदान में 1 नवंबर को रैली है.
रिहा होते ही आजम गिरफ्तार
आजम को ईडी ने उस वक्त गिरफ्तार किया जब इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दो पैन कार्ड मामले में उनकी सजा निलंबित कर दी गई और उन्हें रामपुर जेल से रिहा किया गया. रामपुर जेल से रिहाई के बाद ही ईडी ने कारागार के मुख्य गेट से ही आजम को गिरफ्तार कर लिया.
बता दें अखिलेश यादव करीब एक हफ्ते पहले ही आजम खान से रामपुर जेल में मिलकर आए थे.
सूत्रों की मानें तो अगर अखिलेश, आजम की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हैं तो अन्य दलों जैसे कांग्रेस, टीएमसी, शिवसेना यूबीटी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी. कांग्रेस, टीएमसी, शिवसेना यूबीटी मौके-बे-मौके आजम को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर सवालिया निशाना लगाते रहे हैं.
AIMIM, राजभर, आजाद सबकी निगाह अखिलेश पर?
सूत्रों के मुताबिक अगर अखिलेश, रामलीला मैदान से आजम का मुद्दा नहीं उठाते हैं तो वह यूपी में असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली AIMIM, चंद्रशेखर आजाद की अगुवाई वाली आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) समेत अन्य दलों के निशाने पर आ सकते हैं. दीगर है कि जब अखिलेश, आजम से मिलने रामपुर जा रहे थे, उससे पहले एआईएमआईएम ने कहा था कि कन्नौज सांसद, ओवैसी के डर से यह कर रहे हैं.
गौरतलब है कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता और योगी सरकार में मंत्री ओपी राजभर यह आरोप लगाते रहे हैं कि आजम, सपा चीफ की वजह से जेल में हैं.
ऐसे में इस बात की संभावना ज्यादा है कि यूपी के स्थानीय दलों समेत बीजेपी की भी नजर, अखिलेश यादव पर हो. अब यह देखना होगा कि अखिलेश, रामलीला मैदान के मंच से आजम का मुद्दा उठाते हैं या नहीं.














