दिल्ली हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने आम आदमी पार्टी को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए AI से बने छह आपत्तिजनक वीडियो तुरंत हटाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि वीडियो में मुख्यमंत्री को शराब बेचने वाली महिला के रूप में दिखाया गया, जिससे उनकी व्यक्तिगत गरिमा और छवि को नुकसान पहुंच सकता है
अदालत ने कहा कि राजनीतिक दलों को सरकार की नीतियों की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन AI वीडियो के जरिए किसी महिला मुख्यमंत्री को आपत्तिजनक तरीके से दिखाना राजनीतिक व्यंग्य नहीं कहा जा सकता
‘ये वीडियो मानिहानिकारक हैं’
कोर्ट ने माना कि ये वीडियो आलोचना की सीमा पार करते हैं और मानहानिकारक हैं. मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी. अगली सुनवाई 4 दिसंबर 2026 को होगी.
जस्टिस मनोज जैन ने माना कि इस कंटेंट में मुख्यमंत्री को गलत तरीके से एक शराब विक्रेता के रूप में दिखाया गया है. अदालत ने कहा कि इससे मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत गरिमा और नैतिक चरित्र को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है. एक मुख्यमंत्री के रूप में भी और एक महिला के रूप में भी.
‘ये व्यंग्य नहीं माना जा सकता’
अदालत ने माना कि कोई भी राजनीतिक दल सरकारी नीतियों और फैसलों की आलोचना करने के लिए स्वतंत्र है. हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि AI-जनरेटेड वीडियो का इस्तेमाल करके मुख्यमंत्री को अपमानजनक तरीके से दिखाना और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाना, किसी भी तरह से ‘स्वीकार्य राजनीतिक व्यंग्य’ नहीं माना जा सकता.
‘कंटेंट ने सारी हदें पार की’
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि स्वस्थ आलोचना या व्यंग्य पर किसी को आपत्ति नहीं हो सकती, लेकिन इस कंटेंट ने सारी हदें पार कर दी हैं. यह मानहानिकारक और अपमानजनक है, और यह संवैधानिक पद पर आसीन एक महिला की गरिमा पर हमला करता है. वादी के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला पाते हुए, अदालत ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया और प्रतिवादी संख्या 3, 4 और 5 को निर्देश दिया कि वे उन सभी छह आपत्तिजनक URL को तुरंत हटा दें.
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