जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) विंग ने आज (6 नवंबर) कश्मीर घाटी में छह जगहों पर एक साथ छापेमारी की. इस कार्रवाई का मकसद ऑनलाइन तरीके से आतंकियों की भर्ती करने वाले एक हाई-टेक नेटवर्क पर नकेल कसना था.
यह बड़ा ऑपरेशन स्थानीय पुलिस, राजस्व अधिकारियों और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेटों के साथ मिलकर कई जिलों में चलाया गया. इसमें अनंतनाग जिले में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी.
तीन अलग-अलग जगहों पर CIK की टीमों ने की छापेमारी
अनंतनाग जिले में, CIK की टीमों ने तीन अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की. इनमें बिजबेहारा के दो रिहायशी घर और मट्टन के क्रंगसू गांव की एक जगह शामिल थी. इसके साथ ही, श्रीनगर, बडगाम और पुलवामा जिलों में भी कई रिहायशी ठिकानों पर छापेमारी की गई.
बडगाम में, CIK की एक टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक युवक के घर पर छापा मारा. इस युवक की मां (जो पाकिस्तानी नागरिक हैं) को 29 अप्रैल, 2025 को पाकिस्तान वापस भेज दिया गया था और वह अभी वहीं रह रही हैं.
NC में सियासी खलबली के बीच फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान, बताया पार्टी का फ्यूचर
मामला IPC तथा UAPA की धाराओं के तहत मामला दर्ज
ये छापेमारी CIK श्रीनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 07/2023 के सिलसिले में की गई. यह मामला IPC की धाराओं 153-A, 505 और 506, तथा ‘गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम’ (UAPA) की धाराओं 13, 18, 18-B और 39 के तहत दर्ज किया गया है. इस जांच का मुख्य लक्ष्य आतंकियों की भर्ती करने वाला वह गुप्त नेटवर्क है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए काफी सक्रिय रूप से काम कर रहा है.
खुफिया जानकारी से पता चला है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर, प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और अन्य आतंकी समूहों के कमांडरों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. वे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कश्मीरी युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाने के लिए कर रहे हैं. सुरक्षा बलों ने इस वर्चुअल नेटवर्क के दायरे का पता लगाने के लिए कई डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जाएगी. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, बरामदगी या किसी की गिरफ्तारी के बारे में और जानकारी सामने आएगी.














