बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर से सफर के दौरान बस्ती, गोरखपुर और गोंडा समेत पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर पराली जलती दिखाई दी, लेकिन इसकी रोकथाम के लिए कोई प्रभावी कदम नजर नहीं आ रहा. वहीं, भगवान राम के पूर्वजों की धरती पर नंदिनी माता मंदिर परिसर में भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया. इस दौरान घर के सरसों तेल से दीप जलाए गए.
उन्होंने सवाल उठाया कि जब पराली जलाने पर रोक के लिए कानून मौजूद हैं, ड्रोन कैमरों से निगरानी का भी प्रावधान है, तो फिर इनका पालन क्यों नहीं हो रहा है? उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं रोकथाम के प्रयासों में लापरवाही हो रही है और इस ओर जिम्मेदार लोगों का ध्यान नहीं है.
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भगवान राम के पूर्वजों की धरती पर दीपोत्सव की बताई वजह
बृजभूषण शरण सिंह ने भगवान राम के पूर्वजों से जुड़ी धरती पर दीपोत्सव के आयोजन की वजह भी बताई. उन्होंने कहा कि अयोध्या के उत्तरी तट पर स्थित इस स्थान का धार्मिक और पौराणिक महत्व है. मान्यता के अनुसार, महाराजा दिलीप ने यहां नंदिनी गौ माता की सेवा की थी, जिससे उनका श्राप समाप्त हुआ और आगे चलकर भगीरथ का जन्म हुआ. इसी प्रेरणा से यहां नंदिनी माता का मंदिर और उनके नाम से एक बड़ा विद्यालय बनवाया गया है.
उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद उनके मन में इस पौराणिक स्थल पर भी दीपोत्सव आयोजित करने का विचार आया. इसी क्रम में इस बार भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया. उन्होंने जनवरी के प्रथम सप्ताह में यहां भव्य राष्ट्र कथा के आयोजन की भी जानकारी दी. खास बात यह रही कि दीपोत्सव में दीप जलाने के लिए घर के सरसों तेल का इस्तेमाल किया गया.
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