• Home
  • ताजा खबरें
  • मधुबन में मरांग बुरु धोरोमगाढ़ महासम्मेलन, पत्नी के साथ शामिल हुए CM सोरेन
Image

मधुबन में मरांग बुरु धोरोमगाढ़ महासम्मेलन, पत्नी के साथ शामिल हुए CM सोरेन


गिरिडीह जिले के पारसनाथ की पवित्र धरती मधुबन में गुरुवार को मरांग बुरु धोरोमगाढ़ महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया. इस महासम्मेलन में देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु और आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए. पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की गूंज, धार्मिक जयघोष और आदिवासी संस्कृति की झलक से पूरा मधुबन भक्तिमय और उत्साहपूर्ण नजर आया. इस खास आयोजन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी शामिल हुईं.

पारसनाथ की तलहटी में बसे मधुबन में सुबह से ही श्रद्धालुओं और आदिवासी समाज के लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था. झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और असम सहित कई राज्यों से लोग महासम्मेलन में पहुंचे. वहीं, विदेशों से भी लोगों की भागीदारी रही. पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे महिला-पुरुषों ने अपनी संस्कृति और परंपरा की खूबसूरत झलक पेश की. ढोल-नगाड़ों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को खास बना दिया.

गिरिडीह में शख्स की हत्या, स्थानीय लोगों में आक्रोश, आरोपी की गिरफ्तारी की मांग

पत्नी के साथ महासम्मेलन में शामिल हुए सीएम सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन के महासम्मेलन में पहुंचने पर आदिवासी समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला. दोनों नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया. महासम्मेलन की शुरुआत दिशोम मांझीथान में पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ हुई.

कार्यक्रम में दिया एकजुटता का संदेश

इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य मरांग बुरु के प्रति श्रद्धा प्रकट की, इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं को बचाए रखना है. इसके साथ ही मरांग बुरु की पवित्रता और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर समाज के लोगों ने एकजुटता का संदेश दिया. आयोजन के दौरान आदिवासी समाज की पहचान और अधिकारों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया. वहीं इतने बड़े आयोजन को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे.

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

मौके पर मरांगबुरू बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष फागु बेसरा, महासचिव हीरालाल मांझी, डॉ. जगजीवन मुर्मू, सोमय टुडू, जंशाई मारडी, दुर्गा चरण मुर्मू, रमेश टुडू, सोनाराम हेंब्रम, एतो बास्के, नारायण मुर्मू, महावीर बास्के, दिलीप मुर्मू, दीपीन सोरेन, चन्द्रमोहन मुर्मू, शनिवार बेसरा, अशोक मुर्मू, भगवान किस्कू और राजेश हांसदा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, कुल मिलाकर मधुबन में आयोजित यह महासम्मेलन आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति, परंपरा और एकजुटता का बड़ा मंच बना. यहां से समाज की धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संदेश दिया गया.

झारखंड में तेज रफ्तार का कहर, ट्रक ने 3 बच्चों समेत 7 लोगों को कुचला, सभी की मौत



Source link

Related Posts

CM फडणवीस के मराठवाड़ा वाटर ग्रिड को पूरा करने के निर्देश, JICA देगा 20 हजार करोड़

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में पानी की किल्लत की समस्या का स्थायी समाधान कर इस क्षेत्र को सूखामुक्त बनाने…

ByByPUJA KUMARI Nov 6, 2026

दिल्ली HC से CM रेखा गुप्ता को राहत, AAP को AI से बने 6 वीडियो हटाने का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने आम आदमी पार्टी को सोशल…

ByByPUJA KUMARI Nov 6, 2026

सीतापुर: ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से दर्दनाक हादसा, 5 महिलाओं की मौत, 20 घायल

दिवाली से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के सीतापुर में शुक्रवार (6 नवंबर) को भीषण सड़क हादसा हो गया,…

ByByPUJA KUMARI Nov 6, 2026

UP: आपदा में गई जान तो परिवार को मिलेंगे 8 लाख, फसलों के नुकसान पर भी बढ़ा मुआवजा

योगी सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. योगी…

ByByPUJA KUMARI Nov 6, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top