साइक्लोन अर्नब को लेकर देश के कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही लोगों में भी साइक्लोन अर्नब को लेकर डर का माहौल है. हालांकि, आईआईटी कानपुर के अर्थ साइंस के प्रोफेसर जावेद के मुताबिक, आगे बढ़ने के साथ चक्रवात की रफ्तार कम होने की संभावना है. इसके बावजूद उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है. उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और मौसम पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी है.
प्रोफेसर जावेद के मुताबिक, चक्रवात के बाहरी हिस्सों यानी पेरीफेरल एरिया में नुकसान की आशंका ज्यादा रहती है. आगे बढ़ने के साथ इसकी रफ्तार कम हो सकती है, लेकिन इसका असर बना रह सकता है. प्रयागराज समेत उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मौसम प्रभावित होने की आशंका है.
योगी सरकार का बिजली उपभोक्ताओं को दिवाली गिफ्ट! नवंबर के बिल में मिलेगी इतनी छूट
कैटेगिरी-4 में आता है अर्नब जैसा साइक्लोन- प्रोफेसर जावेद
उन्होंने बताया कि अक्टूबर के महीने में चक्रवात बनने की संभावना बढ़ जाती है. इस दौरान समुद्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से चक्रवाती गतिविधियां तेज हो सकती हैं. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि साइक्लोन अर्नब सुपर साइक्लोन नहीं है. यह बेसिकली अक्टूबर महीने में बनता है अर्नब जैसा साइक्लोन कैटेगिरी 4 में आता है.
‘रायपुर पहुंचते-पहुंचते 45KM के आसपास रहेगी स्पीड’
उनके मुताबिक, इसकी मैक्सिमम स्पीड 220 आई गई थी. विशाखापट्टनम में लैंडफॉल के बाद इसकी स्पीड 120 किलोमीटर देखी जा रही है और यह मूव करेगा. अपने ट्रैक पर वह ट्रैक रायपुर की तरफ जा रहा है, जो इसका पेरीफेरल एरियाज है. वहां पर बारिश हो सकती है. हालांकि सक्रियता इसकी घटेगा रायपुर जाते-जाते स्पीड कम होगी करीब 45 किलोमीटर के आसपास रहेगी.
गैरसैंण: हंगामे के बीच डेढ़ दिन में विधानसभा सत्र खत्म, 7844 करोड़ का बजट पास
















