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काम से भागना या सुकून की तलाश, जानिए क्यों तुरंत जॉब छोड़ रहे GEN Z?


दरअसल पहले के समय में नौकरी को लेकर यह सोच थी कि समय पर सैलरी मिलती रहे और करियर स्थिर बना रहे, तो लंबे समय तक इस जगह काम करना बेहतर है. लेकिन आज के जेन जी युवा नौकरी करते समय दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देते हैं. उनके लिए यह जानना भी जरूरी है कि काम में उनका इंट्रेस्ट बना हुआ है या नहीं और उन्हें नई चीज सीखने का मौका मिल रहा है या नहीं.

दरअसल पहले के समय में नौकरी को लेकर यह सोच थी कि समय पर सैलरी मिलती रहे और करियर स्थिर बना रहे, तो लंबे समय तक इस जगह काम करना बेहतर है. लेकिन आज के जेन जी युवा नौकरी करते समय दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देते हैं. उनके लिए यह जानना भी जरूरी है कि काम में उनका इंट्रेस्ट बना हुआ है या नहीं और उन्हें नई चीज सीखने का मौका मिल रहा है या नहीं.

अगर किसी जेन जी को हर दिन ऑफिस जाना स्ट्रेस भरा लगने लगे, काम में इंट्रेस्ट कम हो जाए या उसे महसूस हो कि वह लंबे समय तक एक ही तरह का काम कर रहा है, तो वह दूसरी नौकरी के बारे में सोचने लगता है. इसका मतलब यह नहीं होता है कि वह मेहनत नहीं करना चाहता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार कई बार इसे लेकर गलत तरीके से सोचा जाता है, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि वह ऐसा काम तलाश रहा हो, जिसमें उसे सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिल सके.

अगर किसी जेन जी को हर दिन ऑफिस जाना स्ट्रेस भरा लगने लगे, काम में इंट्रेस्ट कम हो जाए या उसे महसूस हो कि वह लंबे समय तक एक ही तरह का काम कर रहा है, तो वह दूसरी नौकरी के बारे में सोचने लगता है. इसका मतलब यह नहीं होता है कि वह मेहनत नहीं करना चाहता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार कई बार इसे लेकर गलत तरीके से सोचा जाता है, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि वह ऐसा काम तलाश रहा हो, जिसमें उसे सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिल सके.

नौकरी के दौरान काम का दबाव होना आम बात है, लेकिन जब यही दबाव लगातार बना रहे तो उसका असर पर्सनल लाइफ पर भी पड़ सकता है. वहीं लंबे समय तक काम करना, छुट्टी के दिन भी ऑफिस के मैसेज और कॉल आते रहना या छोटी-छोटी बातों पर स्ट्रेस का माहौल बनना किसी के लिए भी मुश्किल होता है. वहीं कई युवा चाहते हैं कि नौकरी के साथ उन्हें परिवार, दोस्तों और खुद के लिए भी समय मिले. उनके लिए वर्क लाइफ बैलेंस का मतलब केवल ऑफिस के घंटे पूरे करना नहीं, बल्कि काम के बाद अपनी पर्सनल जिंदगी को समय देना है.

नौकरी के दौरान काम का दबाव होना आम बात है, लेकिन जब यही दबाव लगातार बना रहे तो उसका असर पर्सनल लाइफ पर भी पड़ सकता है. वहीं लंबे समय तक काम करना, छुट्टी के दिन भी ऑफिस के मैसेज और कॉल आते रहना या छोटी-छोटी बातों पर स्ट्रेस का माहौल बनना किसी के लिए भी मुश्किल होता है. वहीं कई युवा चाहते हैं कि नौकरी के साथ उन्हें परिवार, दोस्तों और खुद के लिए भी समय मिले. उनके लिए वर्क लाइफ बैलेंस का मतलब केवल ऑफिस के घंटे पूरे करना नहीं, बल्कि काम के बाद अपनी पर्सनल जिंदगी को समय देना है.

अगर किसी कंपनी में काम करते हुए जेन जी के लिए पर्सनल लाइफ को लेकर समय निकालना मुश्किल हो रहा है और ऑफिस का माहौल तनाव भरा है, तो जेन जी दूसरी नौकरी तलाशते है.  ऐसे में उनके फैसले के पीछे सिर्फ काम से भागने को वजह नहीं बता सकते हैं.

अगर किसी कंपनी में काम करते हुए जेन जी के लिए पर्सनल लाइफ को लेकर समय निकालना मुश्किल हो रहा है और ऑफिस का माहौल तनाव भरा है, तो जेन जी दूसरी नौकरी तलाशते है.  ऐसे में उनके फैसले के पीछे सिर्फ काम से भागने को वजह नहीं बता सकते हैं.

नौकरी बदलने में करियर ग्रोथ भी एक बहुत बड़ा पहलू होता है. कई बार नौकरी छोड़ने का कारण कम सैलरी नहीं, बल्कि आगे बढ़ाने के अवसरों की कमी भी होता है. अगर किसी एंप्लॉय को लंबे समय तक एक ही तरह की जिम्मेदारी मिलती रहे, नई स्किल सीखने का मौका ना मिले और करियर में आगे बढ़ने का रास्ता नजर न आए तो वह दूसरी कंपनी में मौके देख सकते हैं.

नौकरी बदलने में करियर ग्रोथ भी एक बहुत बड़ा पहलू होता है. कई बार नौकरी छोड़ने का कारण कम सैलरी नहीं, बल्कि आगे बढ़ाने के अवसरों की कमी भी होता है. अगर किसी एंप्लॉय को लंबे समय तक एक ही तरह की जिम्मेदारी मिलती रहे, नई स्किल सीखने का मौका ना मिले और करियर में आगे बढ़ने का रास्ता नजर न आए तो वह दूसरी कंपनी में मौके देख सकते हैं.

इसे लेकर डेयलॉट की रिपोर्ट भी बताती है कि भारत में करियर बदलने वाले जेन जी युवाओं में 39 प्रतिशत ने बेहतर वर्क लाइफ बैलेंस को इसकी वजह बताया है. वहीं 39 प्रतिशत युवाओं ने ही बेहतर करियर ग्रोथ को कारण माना है, जबकि 28 प्रतिशत ने बेहतर सैलरी के लिए बदलाव किया है. इससे पता चलता है कि नौकरी बदलने के पीछे जेन जी की प्राथमिकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. 

इसे लेकर डेयलॉट की रिपोर्ट भी बताती है कि भारत में करियर बदलने वाले जेन जी युवाओं में 39 प्रतिशत ने बेहतर वर्क लाइफ बैलेंस को इसकी वजह बताया है. वहीं 39 प्रतिशत युवाओं ने ही बेहतर करियर ग्रोथ को कारण माना है, जबकि 28 प्रतिशत ने बेहतर सैलरी के लिए बदलाव किया है. इससे पता चलता है कि नौकरी बदलने के पीछे जेन जी की प्राथमिकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. 

Published at : 16 Oct 2026 10:08 AM (IST)

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