Image

CJP का नया चेहरा बने अंजिक्य शिंदे, वो कितने पढ़े-लिखे?


चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बीच अंजिक्य शिंदे चर्चा में हैं. दरअसल, अभिजीत दिपके ने एक दिन पहले वीडियो जारी कर कहा था कि उनकी गिरफ्तारी के बीच अंजिक्य शिंदे इस आंदोलन को लीड करेंगे. इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर अंजिक्य शिंदे चर्चा में आ गए, लोग उन्हें लगातार फॉलो कर रहे हैं और उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा चीजें जानना चाहते हैं. 

एक समय आईटी कंपनी में काम करने वाले अजिंक्य शिंदे आखिर कैसे राजनीति के मैदान में उतर आए? इंजीनियरिंग की पढ़ाई, आम आदमी पार्टी से जुड़ाव और फिर CJP के आंदोलन में अहम जिम्मेदारी तक का उनका सफर कई सवाल खड़े करता है. आखिर कौन हैं अजिंक्य शिंदे और वह कितने पढ़े-लिखे हैं? आइए जानते हैं… 

कैसा रहा अंजिक्य शिंदे का सफर 

अजिंक्य शिंदे महाराष्ट्र के लातूर जिले की औसा तहसील के उजनी गांव के रहने वाले हैं. उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है. अजिंक्य शिंदे ने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की और महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के लोणेरे स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से बीटेक की डिग्री हासिल की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पुणे में एक अंतरराष्ट्रीय आईटी कंपनी में काम किया. बाद में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में उनकी दिलचस्पी बढ़ी, जिसके बाद उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर राजनीति की राह चुनी.

आम आदमी पार्टी से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

नौकरी छोड़ने के बाद अजिंक्य शिंदे आम आदमी पार्टी AAP से जुड़े. पार्टी में उन्होंने संगठन को मजबूत करने और युवाओं के बीच काम करने की जिम्मेदारी निभाई. उन्हें पिंपरी-चिंचवड़ में पार्टी के संयोजक और महाराष्ट्र की युवा इकाई में जिम्मेदारी निभाई. इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया से जुड़े काम भी किए. महाराष्ट्र के साथ गोवा में भी संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भूमिका रही. इन अनुभवों के बाद वह CJP से जुड़े. अगस्त 2026 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय संगठन प्रभारी बना दिया गया 

यह भी पढ़ें : दिल्ली में 10वीं पास के लिए सरकारी नौकरी, सफाई कर्मचारी और सरकारी पदों पर भर्ती

जंतर-मंतर आंदोलन में कैसे मिली अहम भूमिका ?

जून और जुलाई 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान अजिंक्य शिंदे ने भीड़ और मंच के पीछे की व्यवस्थाओं में भूमिका निभाई थी. अक्टूबर 2026 में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद शिंदे आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनकर सामने आए.  दिपके के पहले से रिकॉर्ड किए गए संदेश के बाद उन्होंने आंदोलन की जिम्मेदारी संभाली. 

यह भी पढ़ें :बंगाल मदरसा शिक्षक भर्ती के बदलेंगे नियम, एक ही आयोग से होगी भर्ती

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Related Posts

बिहार बोर्ड ने 10वीं-12वीं परीक्षा के लिए बढ़ाई रजिस्ट्रेशन तारीख, देखें अपडेट

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति BSEB ने वर्ष 2028 में होने वाली 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं के…

ByByPUJA KUMARI Oct 12, 2026

उत्तर भारत के टॉप 5 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, देखें पूरी लिस्ट

देश में हर साल लाखों छात्र इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर का सपना देखते हैं. एक बेहतरीन…

ByByPUJA KUMARI Oct 11, 2026

70 साल से ज्यादा उम्र के लोग दे रहे नीट, अब तय होगी एज लिमिट!

मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाली नीट यूजी परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को उम्र…

ByByPUJA KUMARI Oct 11, 2026

बंगाल मदरसा शिक्षक भर्ती के बदलेंगे नियम, एक ही आयोग से होगी भर्ती

पश्चिम बंगाल में मदरसा शिक्षकों की भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. राज्य सरकार मदरसा…

ByByPUJA KUMARI Oct 11, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top