फाजिल्का में चिट्टे की ओवरडोज से एक युवक की मौत होने का मामला सामने आया है. मृतक की पहचान गांव बहक खास निवासी संदीप सिंह के रूप में हुई है. परिवार के मुताबिक, संदीप सिंह चिट्टे के नशे का आदी था. वो घर से चोरी के एक मामले में अदालत में तारीख भुगतने के लिए निकला था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा.
बाद में उसका शव मंडी लाधूका के बस अड्डे के पीछे झाड़ियों में पड़ा मिला. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया. हालांकि, मौत के असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा.
अदालत में तारीख पर जाने के लिए मांगे थे पैसे
मृतक के पिता बग्गा सिंह ने बताया कि उनके बेटे संदीप सिंह ने अदालत में तारीख पर जाने के लिए पैसे मांगे थे. उन्होंने एक दुकान से पैसे लेकर अपने बेटे को दिए थे, जिसके बाद वो सत्संग में चले गए. शाम के समय उन्हें सूचना मिली कि उनका बेटा मंडी लाधूका के बस अड्डे के पीछे झाड़ियों में पड़ा हुआ है. किसी व्यक्ति ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को इसकी जानकारी दी थी. इसके बाद मंडी लाधूका पुलिस चौकी के कर्मचारी संदीप को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टर ने उसे मृतक घोषित कर दिया .
गलत संगत में दोबारा करने लगा नशा
मृतक के चचेरे भाई परमिंदर सिंह ने बताया कि संदीप सिंह नशे का आदी था. परिवार ने उसका इलाज भी करवाया था और उसे दवा दिलाई थी, जिसके बाद उसने नशा छोड़ दिया था, लेकिन कुछ समय बाद वो दोबारा गलत संगत में पड़ गया और नशा करने लगा. उन्होंने बताया कि संदीप सिंह घर से फाजिल्का में अदालत की तारीख भुगतने के लिए निकला था. वो अदालत पहुंचा था या नहीं, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है. संदीप सिंह के खिलाफ चोरी का एक मामला चल रहा था.
संदीप सिंह गांव बहक खास का रहने वाला था और तीन बहनों का इकलौता भाई था. उसकी मौत की खबर से परिवार में मातम पसरा हुआ है. परिवार और गांव के लोगों ने सरकार से मांग की कि नशे के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि युवाओं की जान बचाई जा सके.
नशा बेचने वालों के खिलाफ एक्शन की मांग
गांव बहक खास के सरपंच राज सिंह ने कहा कि संदीप सिंह की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है. उन्होंने नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की. उनका कहना है कि नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए कड़े कदम उठाने जरूरी हैं. ब्लॉक समिति के चेयरमैन डॉ. ओम प्रकाश ने कहा कि संदीप सिंह चिट्टे का टीका लगाता था, जिसके कारण उसकी मौत होने की बात सामने आई है. उन्होंने कहा कि सरकार नशे को खत्म करने के लिए प्रयास कर रही है और इसका असर भी देखने को मिल रहा है.
हालांकि, उनके अनुसार नशा बेचने के आरोपियों को जल्द जमानत मिल जाने के कारण यह कारोबार जारी रहता है. उन्होंने कानून में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि चिट्टा बेचने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए और ऐसे मामलों में जमानत पर भी कड़े नियम लागू किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि पैसों के लालच में युवा इस धंधे से जुड़ रहे हैं, क्योंकि उन्हें जल्द जमानत मिलने की उम्मीद रहती है.
सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने बताया कि पुलिस एक युवक का शव अस्पताल लेकर आई थी. युवक के नशे का पुराना आदी होने की जानकारी दी गई है. डॉक्टर के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असल कारणों का पता चल सकेगा.
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