बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का 8अक्टूबर को निधन हो गया. 75 साल की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली. उनके निधन से पूरी इंडस्ट्री और फैंस के बीच शोक की लहर दौड़ गई.
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनका एक पुराना वीडियो इन दिनों चर्चा में है, जिसमें वो ‘नटसम्राट’ नाटक से जुड़ी एक ऐसी बात बताते नजर आ रहे हैं, जिसने लोगों को हैरान कर दिया था. इस नाटक में मुख्य किरदार निभाने वाले कई कलाकारों की हार्ट अटैक से मौत होने की बात कही जाती रही है. नाना पाटेकर ने भी इस नाटक में मुख्य किरदार निभाने से इनकार कर दिया था.
नाना पाटेकर ने बताया क्यों डरते थे इस किरदार से
एबीपी माझा की ओर से शेयर किए गए इस वीडियो में नाना पाटेकर ने बताया कि ‘नटसम्राट’ नाटक में मुख्य किरदार निभाने वाले कई कलाकारों की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. उन्होंने कहा, ‘जिसने भी ‘नटसम्राट’ नाटक किया, उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई. जब मुझे इस नाटक का ऑफर मिला था, तो मैंने इसे करने से मना कर दिया. मैंने कहा कि मैं इसकी फिल्म करूंगा.’
नाना ने बताया कि स्टेज पर इस किरदार को निभाना बेहद भावनात्मक अनुभव होता है. कलाकार को अपना सब कुछ इस किरदार में लगा देना पड़ता है. उन्होंने कहा, ‘आप नाटक में अपनी पूरी जिंदगी लगा देते हैं. अगर मैंने भी ऐसा किया होता, तो शायद 10, 15 या 25 साल पहले ही मर गया होता. सिनेमा में एक बार किरदार निभाने के बाद वो हमेशा के लिए अमर हो जाता है.’
In one of his earlier speeches, Nana Patekar mentioned that every actor who had previously portrayed the character of Natsamrat had died of a heart attack.
by u/Imsongoku7 in BollyBlindsNGossip
नाना पाटेकर ने मौत को लेकर कही थी ये बात
वहीं, नाना पाटेकर ने साल 2023 में फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ के प्रमोशन के दौरान आज तक को दिए एक इंटरव्यू में भी मौत को लेकर खुलकर बात की थी. उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां पहले से ही अलग रख दी हैं. नाना ने इसे अपनी जिंदगी की आखिरी संपत्ति बताते हुए कहा था कि मरने के बाद उन्हें उसी लकड़ी से जलाया जाए.
नाना ने कहा था, ‘हमें पता है कि हमें 12 मन लकड़ी लगने वाली है. यही मेरी आखिरी संपत्ति है. इसके साथ मैं चला जाऊंगा. मैंने अपनी 12 मन लकड़ियां रखी हुई हैं. वे सूखी हैं. उसी में मुझे जलाना. गीली लकड़ी मत इस्तेमाल करना.’
इस बातचीत में नाना पाटेकर ने कहा था कि अगर लकड़ी गीली होगी, तो उससे धुआं निकलेगा और लोगों की आंखों में पानी आ जाएगा. ऐसे में उन्हें लग सकता है कि लोग उनकी मौत पर रो रहे हैं, जबकि उनकी आंखों में आंसू धुएं की वजह से आए होंगे.
नाना ने मजाकिया अंदाज में कहा था, ‘कम से कम मरते वक्त गलतफहमी नहीं होनी चाहिए.’ उनके निधन के बाद उनका ये पुराना वीडियो फिर चर्चा में है.















