अग्निपथ योजना के तहत 4 साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों के भविष्य को लेकर केंद्र और राज्यों की ओर से अलग-अलग ऐलान किए जा रहे हैं. पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से लेकर राज्य पुलिस में आरक्षण का लाभ मिल सकता है. कई राज्यों ने इसके लिए अलग-अलग आरक्षण, आयु में छूट और दूसरी सुविधाओं का ऐलान किया है. अग्निवीर सेवा पूरी होने के बाद 75 प्रतिशत जवान सेना से बाहर आते हैं. ऐसे युवाओं को ध्यान में रखते हुए राज्यों में सरकारी नौकरियों को लेकर प्रावधान किए जा रहे हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं की अग्निवीरों के लिए किस राज्य में कितना कोटा मिलेगा.
गृह मंत्रालय ने पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय पुलिस सशस्त्र बलों और असम राइफल्स में कांस्टेबल राइफल में भर्ती के लिए अलग प्रावधान किया है. सरकारी अपडेट के अनुसार 50 प्रतिशत पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किए गए हैं. पहले बैच के उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में 5 साल और दूसरे पूर्व अग्निवीरों को 3 साल की छूट मिलेगी. इसके अलावा उन्हें पीएसटी-पीईटी और लिखित परीक्षा से भी छूट मिलेगी.
मध्य प्रदेश में 20% आरक्षण
मध्य प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों को राज्य की 5 वर्दी वाली सरकारी सेवाओं में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया है. इसमें पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल और जेल प्रहरी वनरक्षक और आबकारी आरक्षक के पद शामिल है.
महाराष्ट्र में 10% कोटा और परीक्षा से छूट
महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य की कई ग्रुप सी वर्दी वाली और अर्ध सैनिक सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण का फैसला किया है. इनमें पुलिस, जेल, अग्निशमन, होमगार्ड, आबकारी और वन विभाग से जुड़े पद शामिल है. राज्य के अनुसार पात्र पूर्व अग्निवीरों को दोबारा लिखित परीक्षा से छूट देने का प्रावधान है. वहीं कई पदों पर सैन्य सेवा के दौरान हासिल प्रशिक्षण को भर्ती के शुरुआती प्रशिक्षण के स्थान पर मान्यता देने की बात भी कही है.
छत्तीसगढ़ पुलिस में भी मिलेगा मौका
छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है. इसका लाभ पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में मिलेगा. यह सुविधा 4 साल की सेवा पूरी कर रहे वैध सर्विस सर्टिफिकेट के साथ लौटने वाले पूर्व अग्नि वीरों के लिए है.
उत्तर प्रदेश में पुलिस और PAC में वरीयता
उत्तर प्रदेश में अग्निवीरों को पुलिस और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबल की भर्ती में वरीयता देने की घोषणा की है. राज्य सरकार ने अग्निवीरों की सैन्य सेवा के बाद उनके कौशल और अनुशासन का पुलिस भर्ती में इस्तेमाल करने की बात कही है.
राजस्थान में भी मिलेगा फायदा
राजस्थान सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस विभाग, जेल प्रहरी और वनरक्षक के पदों पर आरक्षण देने की घोषणा की है. जिसका मतलब है कि 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद इन विभागों की भर्तियों में उन्हें आरक्षण का लाभ मिलेगा.
हरियाणा में कई भर्तियों में आरक्षण
हरियाणा सरकार ने भी अग्निवीरों के लिए पुलिस कांस्टेबल, माइनिंग गार्ड, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर और एसपीओ जैसी भर्तियों में 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की. इसके अलावा ग्रुप बी और ग्रुप सी की भर्ती में आयु सीमा में छूट का प्रावधान भी किया गया.
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ओडिशा में वर्दी वाली सेवाओं में 10% कोटा
ओडिशा सरकार ने राज्य की वर्दी वाली सेवाओं में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है. इसके साथ दूसरी सरकारी सेवाओं में एलिजिबिलिटी के लिए आयु में 5 साल की छूट देने की घोषणा भी की.
दूसरे राज्यों में भी आरक्षण का प्रावधान
राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और एमपी के अलावा दूसरे राज्य में भी अग्निवीरों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए हैं. उत्तराखंड में अग्निवीरों को पुलिस और दूसरे सरकारी विभागों में आरक्षण की घोषणा की गई है. वहीं गुजरात में सशस्त्र पुलिस और राज्य रिजर्व पुलिस की भर्ती में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की घोषणा की है. अरुणाचल प्रदेश में भी पूर्व अग्निवीरों को पुलिस बटालियन और आपातकालीन अग्निशमन सेवा भर्ती में वरीयता देने की घोषणा की. वहीं असम सरकार ने राज्य के अधिकांश अग्निवीरों को पुलिस सेवा में शामिल करने का फैसला किया है.
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