शिमला में 25 सितंबर (शुक्रवार) को 12वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ शिमला (IFFS) का ऐतिहासिक गेयटी हेरिटेज कल्चरल कॉम्प्लेक्स में आगाज हो गया है. तीन दिवसीय चलने वाले इस फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्नीहोत्री ने किया. इस अवसर पर कई बड़े सितारों का जमावड़ा भी देखने को मिला.
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सिनेमा अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है. भाषा और संस्कृति भले ही अलग हों, लेकिन मानवीय भावनाएं समान होती हैं और यही सिनेमा की सबसे बड़ी ताकत है.
उप मुख्यमंत्री ने समारोह को किया संबोधित
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि फिल्म फेस्टिवल केवल फिल्मों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं होते, बल्कि विभिन्न विचारों, संस्कृतियों, भाषाओं और दृष्टिकोणों के बीच संवाद का मंच भी बनते हैं.
उन्होंने कहा कि भारत और दुनिया के विभिन्न देशों की फिल्मों का प्रदर्शन सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर प्रदान करता है. शिमला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, कला, संस्कृति और साहित्य के कारण देश-दुनिया में विशेष पहचान रखता है. ऐसे आयोजन हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
उन्होंने युवा फिल्मकारों से हिमाचल की लोक संस्कृति, लोक कथाओं, संगीत, नृत्य, जनजातीय जीवन और प्राकृतिक परिवेश को फिल्मों के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया.
शामिल हए कई बड़े दिग्गज
25 से 27 सितंबर तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 33 देशों और भारत के 15 राज्यों की 96 फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है. उद्घाटन अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता मनोज जोशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इसके अलावा अभिनेता शारिब हाशमी तथा फिल्म निर्देशक-लेखक अमित राय भी शामिल हुए. पहले दिन पांच फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई तथा मनोज जोशी ने स्कूली बच्चों और दर्शकों के साथ अपने फिल्मी अनुभव भी साझा किए.














