मध्य प्रदेश दूरसंचार विनिर्माण जोन (टेलीकॉम मैनुफैक्चरिंग जोन यानी टीएमजेड) की स्थापना करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी दी कि इस संबंध…
Chinese telecom gear makers won’t become ‘trusted source’ anytime soon
Photo- BS
मध्य प्रदेश दूरसंचार विनिर्माण जोन (टेलीकॉम मैनुफैक्चरिंग जोन यानी टीएमजेड) की स्थापना करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी दी कि इस संबंध में प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को अपनी सहमति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि करीब 350 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस जोन के निर्माण से करीब 12,000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 5,000 से अधिक रोजगार तैयार होंगे।
यह टेलीकॉम मैनुफैक्चरिंग हब ग्वालियर के स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी साडा क्षेत्र में बनेगा जहां दूरसंचार क्षेत्र से बने उपकरण और ऐससरीज मसलन सिम कार्ड, चिप, एंटीना, मोबाइल फोन आदि बनेंगे तथा 6जी तकनीक से जुड़े शोध एवं विकास कार्य होंगे। प्रदेश सरकार के उच्चाधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि टीएमजेड के लिए साडा की 271 एकड़ और ग्वालियर आईटी पार्क की 70 एकड़ जमीन मध्य प्रदेश औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग (एमपीआईडीसी) को स्थानांतरित की जाएगी।
इससे पहले सोमवार को इस विषय में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया था जिसमें डिक्सन, एरिक्सन, वॉयकॉन, वीवीडीएन, तेजस जैसी कई कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजित होने जा रहे आईटी कॉन्क्लेव में टेलीकॉम क्षेत्र के उद्योगपतियों और निवेशकों को टीएमजेड से जुड़े निवेश के लिए औपाचारिक आमंत्रण दिया गया है।
बैठक में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ग्वालियर की भौगोलिक स्थिति उसे इस परियोजना के लिए उपयुक्त बनाती है। अधिकारी ने कहा कि यहां से गुजर रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे आगरा और ग्वालियर के बीच की दूरी को 50 मिनट में तय करने लायक बना देगा।वहीं नोएडा के जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने में करीब ढाई घंटे लगेंगे। उन्होंने कहा कि इससे कंपनियों की लॉजिस्टिक संबंधी जरूरतें किफायती ढंग से पूरी हो सकेंगी।
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